शोधकर्ताओं ने एक सेंसर किया विकसित जो पसीने का इस्तेमाल कर आपकी सेहत की करेगा निगरानी

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :-  न्यूयॉर्क। शोधकर्ताओं ने एक ऐसा सेंसर विकसित किया है जो पसीने का इस्तेमाल करके आपकी सेहत की निगरानी करेगा। यह तुरंत ही डिहाइड्रेशन और थकान जैसी स्थिति में आपको सूचित करेगा। शोधकर्ताओं ने सेंसर के माध्यम से पसीने की जांच भी की। उन्होंने पसीने की दर, इलेक्ट्रोलाइट, मेटाबोलाइट आदि के स्तर की जांच की। इस कम लागत वाले सेंसर में एक माइक्रोस्कोपिक या माइक्रोफ्ल्यूडिक ट्यूब होती है, जो त्वचा से पसीने को इकट्ठा करती है। शोधकर्ताओं की टीम में एक भारतीय शोधकर्ता भी शामिल हैं।

नये सेंसर का उत्पादन आसान – कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली जवे ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल सेंसर विकसित करना ही नहीं था, बल्कि यह पता लगाना था कि पसीना हमारे शरीर के बारे में क्या-क्या जानकारी दे सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे सेंसर की आवश्यकता है जो विश्वसनीय हों और बड़े पैमाने पर बनाए जा सकें। हम सेंसर को शरीर के विभिन्न स्थानों पर लगा सकें और उन्हें परख सकें। शोधकर्ताओं ने बताया कि नये सेंसर का उत्पादन बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। प्लास्टिक की सीट पर इस तरह से सेंसर बनाए जा सकते हैं जैसे कि कोई पेपर छापा जाता है।शोधकर्ताओं ने एक सेंसर किया विकसित जो पसीने का इस्तेमाल करके आपकी सेहत की निगरानी करेगा के लिए इमेज परिणाम

इस तरह सेंसर करता है काम – शोधकर्ताओं ने सेंसर को परखने के लिए इसे लोगों के शरीर में विभिन्न जगहों पर लगा दिया। सेंसर के माध्यम से पसीना निकलने की दर, उसमें सोडियम और पोटेशियम का स्तर का पता लगाया गया। इन पैमानों को परखने के बाद ही सेंसर स्वास्थ्य के बारे में सही जानकारी देता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इस सेंसर के माध्यम से व्यायाम करने वालों को पता चल जाएगा कि उनके शरीर में कब पानी की कमी हो रही है।

ब्लड टेस्ट की जगह ले सकता है यह सेंसर- भारतीय मूल की शोधकर्ता मल्लिका बरिया ने आशा जताई है कि भविष्य में यह सेंसर डायबिटीज की जांच और उसकी लगातार निगरानी के लिए ब्लड टेस्ट की जगह ले सकता है। हालांकि, अभी यह पता चला है कि पसीने और शरीर के शुगर लेवल के बीच कोई परस्पर संबंध नहीं है। शोधकर्ताओं ने सेंसर के माध्यम से डायबिटीज के रोगियों के पसीने में शुगर लेवल का पता लगाया और पाया कि पसीने के शुगर लेवल से रक्त के शुगर लेवल का पता नहीं चल सकता है।