वैज्ञानिकों ने बनाया एक ऐसा कपड़ा गर्मियों के दिन में शरीर को ठंड का और जाड़े के दिनों में गर्मी का एहसास कराएगा

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- अगर आप गर्मियों की गर्मी और कड़कड़ाती ठंड से परेशान है तो अब आप को इस समस्या से निजात जल्द ही मिलने वाला है. मैरीलैंड यूनिवर्सिटी की टीम ने एक ऐसा कपड़ा तैयार किया है जो मौसम के अनुसार आपके शरीर के तापमान को बदलकर आपके शरीर को राहत देगा. यह कपड़ा गर्मियों के दिन में शरीर को ठंड का और जाड़े के दिनों में गर्मी का एहसास कराएगा. जानकारी के अनुसार यह कपड़ा दिखने में साधारण ऊन के कपड़े की ही तरह दिखता है, लेकिन इसकी खासियत यह है कि इसमें नैनोट्यूब लगाए गए हैं जो मौसम के मुताबिक तापमान बदलकर शरीर को राहत देते है वहीं इस कपड़े को बनाने वाली टीम का कहना है कि ‘हमने यह कपड़ा मौसम में होने वाले बदलावों को ध्यान में रखकर बनाया है, ताकि लोगों को हर मौसम में अलग-अलग कपड़े खरीदने की जो दिक्कत होती है उससे बचा जा सके. हमने जो कपड़ा तैयार किया है वह सर्दियों में सर्दी और गर्मियों में गर्मी से राहत देगी और शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखेगी. ऐसे में लोगों को मौसम के हिसाब से कपड़े चुनने और बदलने की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा. क्योंकि यह शरीर के तापमान के हिसाब से खुद ब खुद एडजस्ट हो जाता है. बता दें इस कपड़े की कीमत 5 डॉलर (350 रुपये) तक होने की उम्मीद जताई जा रही है.’

बता दें यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का कपड़ा बनाया गया हो, इस तरह के कपड़े पहले भी बनाए गए हैं, लेकिन यह सिर्फ स्पोर्ट्स वियर में आते हैं, लेकिन अब जब रोजाना आने-जाने में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों में इस कपड़े का इस्तेमाल होगा तो जाहिर सी बात है, लोग इसके पीछे टूट पड़ेंगे. वहीं कपड़ा बनाने वाली टीम ने दावा किया है कि इस कपड़े के जरिए व्यक्ति के शरीर का तापमान 35 प्रतिशत तक मैनेज हो सकता है. जिससे ठंडक और गर्माहट के एहसास को भी कम किया जा सकता है. बता दें अभी तक जो कपड़े आ रहे हैं, उनमें सिर्फ 5 प्रतिशत ही शरीर के तापमान को मैनेज करने की क्षमता होती है.कपड़े को बनाने वाली टीम ने बताया कि इस कपड़े को ऊन में नैनोट्यूब्स की कोटिंग करके बनाया गया है, ये नैनोट्यूब खास तरह के कार्बन से बने हैं जो शरीर में पसीना बहने पर सिकुड़ जाते हैं और शरीर की गर्मी को बाहर निकाल देते हैं. वहीं सर्दियों के मौसम में यह फैल जाते हैं और ठंडी हवाओं को शरीर तक नहीं पहुंचने देते, जिससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है.

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