विशालकाय मादा हिप्पो की मौत

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-
पेट फाड़कर निकाला गया बच्चा
बिलासपुर। शहर का एक मात्र पिकनिक स्पॉट कानन पेंडारी पानी की कमी से जूझ रहा है परिणामस्वरूप आज यहां एक वन्यजीव हिप्पो ने दम तोड़ दिया है , जिसके बाद कानन प्रबंधन ने पर्यटकों का जाना बंद कर दिया है। वन्यजीव हिप्पो की मौत टैंक में पानी की कमी और कीचड़ बताई जा रही है ।
प्रबंधन के द्वारा लगातार हिप्पो की निगरानी कुछ दिनों से की जा रही थी और उसे दूसरे जगह शिफ्ट किया गया था जहां पानी की कमी बताई जा रही थी। पिछले 2 वर्षों से प्रबंधन की लापरवाही के चलते कई वन्यजीव मौत के आगोश में समा गए है जिसके पीछे मात्र देखरेख की कमी बताई जा रही है। कानन पेंडारी जूलोजिकल पार्क में हार्ट अटैक से हुई दूसरे बड़े जानवर की मौत के बाद, सांसद अरुण साव, विधायक और कई जनप्रतिनिधी मौके पर पहुंच गए। हिप्पो का पेट भाडकऱ मृत बच्चे को निकाला गया। डॉक्टरों की टीम ने जब देखा कि पेट में हिप्पो का बच्चा भी है जिसकी मौत हो गई है। क्रेन के माध्यम से मादा हिप्पो को उठाया गया। तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। मादा के बाद उसके बच्चे का एक साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा है।


बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े जू कानन पेंडारी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक के बाद एक संरक्षित जानवरों की मौतें हो रहीं हैं और प्रशासन न तो कोई ठोस कदम उठा रहा है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है। ताजा मामला ये हैं कि दिल्ली से लाया गए हिप्पो ने रविवार को पार्क में दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि हिप्पो को हार्ट अटैक आया। इसके कुछ दिनों पहले भी दुनिया में उंगलियों पर गिने जाने वाले संरक्षित सफेद बाघ की भी मौत भी हार्ट अटैक से इसी जू में हो चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
क्या गर्मी से हुई मौत : कानन में दरियाई घोड़े की मौत पर अधिकारियों का कहना है कि इसकी मौत हार्टअटैक से हुई है। जबकि कयास यह भी लगाया जा रहा है कि गर्मी में पानी के कारण इसकी मौत हुई होगी। बताया जा रहा है कि कानन में तीन दरियाई घोड़े थे। मृतक दरियाई घोड़े को छह साल पहले दिल्ली से जानवरों की अदला-बदली के फलस्वरूप लाया गया था। फिलहाल डाक्टरों की टीम पीएम कर रही है।
पानी की कमी और कीचढ़ भी : शहर का एक मात्र पिकनिक स्पॉट कानन पेंडारी पानी की कमी से जूझ रहा है परिणामस्वरूप आज यहां एक वन्यजीव हिप्पो ने दम तोड़ दिया है। कानन प्रबंधन ने पर्यटकों का जाना बंद कर दिया है। वन्यजीव हिप्पो की मौत टैंक में पानी की कमी और कीचढ़ बताई जा रही है ।अधिकारियों की उदासीनता के चलते वन्यजीवों के लिए पेयजल की समस्या यहां विकराल बना हुआ है । बोर काम नही कर रहे है, हिप्पो की मौत भी पानी की कमी और भीषण गर्मी का होना बताई जा रही है।
चीतल, शेर और अब हिप्पो : प्रबंधन के द्वारा लगातार हिप्पो की निगरानी कुछ दिनों से की जा रही थी और उसे दूसरे जगह शिप्ट किया गया था। जहां पानी की कमी बताई जा रही थ ,पिछले 2 वर्षों से प्रबंधन की लापरवाही के चलते कई वन्यजीव मौत के आगोश में समा गए है। जिसके पीछे मात्र देखरेख की कमी बताई जा
रही है।