विद्युत् कार : एक बार चार्ज पर पूरे 800 KM तक चलेंगे इलेक्ट्रिक व्हीकल

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :-  वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर और तेल की कीमतों में होने वाले इजाफे को ध्यान में रखते हुए इन दिनों सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर ध्यान दे रही है. इसकी एक बानगी ऑटो एक्सपो 2018 में भी देखने को मिली जब वाहनों के इस मेले में इलेक्ट्रिक बाइक, इलेक्ट्रिक कार के अलावा बिजली से चलने वाली बस भी पेश की गई. लेकिन बिजली से चलने वाले वाहनों की कल्पाना के बीच कई बार इन्हें चार्ज करने और चार्ज करने के बाद लंबी दूरी तय नहीं करने की समस्या के बारे में बात होती है. पिछले दिनों हुंदई की इलेक्ट्रिक कार कोना (hyundai kona) के बारे में मीडिया रिपोर्टस में बताया गया कि यह एक बार चार्ज होने पर 300 किमी तक की दूरी तय करने में सक्षम है. कोना की खबर को पाठकों की तरफ से भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली.

लिथियम- आयन बैटरी से 10 गुना ज्यादा पावर
इलेक्ट्रिक वाहनों के एक बार चार्ज करने के बाद ज्यादा लंबी दूरी तक नहीं करने को ध्यान में रखते हुए अब वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित करने का दावा किया है जिससे एक बार चार्ज करने पर वाहन 800 किमी तक की दूरी तय कर सकता है. यानी अब इलेक्ट्रिक कार एक बार चार्ज करने पर 800 किमी तक की दूरी तय करने में सक्षम है. अमेरिका की इलिनोइस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि लिथियम-एयर बैटरी वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे लिथियम- आयन बैटरी के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ऊर्जा संग्रहित कर सकती हैं. साथ ही यह हल्की भी है. हालांकि अभी इसको विकसित करने की प्रक्रिया प्रायोगिक चरण में है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि लिथियम-एअर बैटरी ज्यादा प्रभावी है और 2 D वस्तुएं से बने उन्नत उत्प्रेरकों (कैटलिस्टों) को शामिल करने के साथ ही वह ज्यादा चार्ज भी उपलब्ध करा सकती हैं. ये उत्प्रेरक बैटरी के भीतर होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया की दर को तेज कर सकते हैं और जिस प्रकार के पदार्थ से ये उत्प्रेरक बनें हैं, उसके आधार पर वह ऊर्जा को संग्रहित करने एवं ऊर्जा उपलब्ध कराने की बैटरी की क्षमता को महत्त्वपूर्ण ढंग से बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. वैज्ञानिकों ने ऐसी कई 2डी वस्तुओं का संश्लेषण किया जो उत्प्रेरक के तौर पर काम कर सकती हैं और पाया कि पारंपरिक उत्प्रेरकों से मिलकर तैयार की गई लिथियम- एयर बैटरी के मुकाबले इन उत्प्रेरकों से बनी बैटरी 10 गुना ज्यादा ऊर्जा संग्रहित कर सकती हैं. यह अध्ययन ‘एडवांस्ड मेटेरियल्स’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here