वास्तु शास्त्र की इन 6 कहावतों से जाने कैसा होना चाहिए आपका घर

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :-हमारे बड़े-बुजुर्गों ने बहुत सोच-समझकर वास्तु की कुछ बातों को कहावत में बदला। इन कहावतों में घर की बनावट से लेकर परिवार के लोगों की आदतों के बारे में बताया गया है। जिन घरों में इन बातों का ध्यान रखा जाता है वहां वास्तु दोष नहीं होते। ऐसे घरों में ना सिर्फ लक्ष्मी का वास होता है बल्कि इससे सकारात्मक ऊर्जा भी आती है। चलिए आज हम आपको वास्तु से जुड़ी कुछ ऐसी ही कहावतों के बारे में बताते हैं, जिससे आप घर के वास्तुदोष को दूर कर सकते हैं।

पहली कहावत

गज जेहि हारै झूंड उठावैं। सकल शगुन अस बात जतावै।
जिस घर में रोज पूरा परिवार गणपति की पूजा करके दिन की शुरूआत करता है, उसके सारे काम सफल होते हैं। ऐसे में आप भी अपने स्नान करने के बाद पहले गणेश जी की पूजा करे और फिर बाकी सभी काम शुरू करें।

दूसरी कहावत

जाकै पूरब पीपल होवे। सो लक्ष्मी पर लक्ष्मी खोवे।
वास्तु के अनुसार, पीपल का पेड़ पूर्व दिशा में नहीं होना चाहिए। इससे घर में लगातार धन हानि होती रहती है।

तीसरी कहावत

जो पहिले घर-देव खिचावै। उहि घर को बहि दैव रखावै।
अगर आप घर में सुख शांति बनाए रखना चाहते हैं तो सुबह पहले पांच देवता (सूर्य, नारायण, गणपति, महादेवी और शिव भगवान) को भोग लगाने के बाद ही भोजन करें। इतना ही नहीं, इससे परिवार के लोग जल्दी तरक्की भी करते हैं।

चौथी कहावत

सिंह मुखी जो रहने जावै। तन, धन आपन सकल गंवावै।
वास्तु के अनुसार, घर सिंह यानि शेरमुखी (आगे से चौड़े व पीछे से सकंरे) नहीं होना चाहिए। इससे ना सिर्फ घर के सदस्यों में नकारात्मकता आती है बल्कि यह आर्थिक हानि का कारण भी बनता है। साथ ही इस तरह के घर में रहने से परिवार के लोग अक्सर बीमार रहते हैं।

पांचवी कहावत

जेहिं मुंडे पर अशोक वृक्ष बासा। शोक रहत उई भवत सुवासा।
घर में अशोक के पेड़ लगाना शुभ माना जाता है। ऐसे घर में रहने वाले लोगों को हमेशा सुख मिलता है और वास्तुदोष भी दूर होते हैं। इतना ही नहीं, इससे परिवार के सदस्यों के लिए तरक्की के नए साधन भी खुलते हैं।

छठी कहावत

छोटे दरवाजो मोटी चोर। बहों होय तो आफत घोर।
जिस घर का मेन गेट छोटा होता है वहां चोरी की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं, अगर गेट बहुत ज्यादा बड़ा है तो घर में दूसरी समस्याएं बढ़ जाएंगी यानि घर का मेन गेट ना तो बड़ा होना चाहिए और ना ही छोटा।