लापरवाही: 10 गुना ज्यादा भेजा बिल, बोले-एडजस्ट कर लेंगे

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- गुड़गांव : सोहना के गांव रिठौज के सतबीर सिंह की परचून की दुकान है। घर में एसी, कूलर नहीं है। दो बल्ब और पंखों का दो महीने का बिल 3 हजार की जगह 33567 हजार रुपये भेजा गया है। मीटर रीडर से इस बारे में पूछा तो जवाब मिला कि घर के भीतर लगे मीटर में कुंडी मारते थे, अब बाहर लगा तो बिल ज्यादा आएगा ही। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अगर 33 हजार बिल जमा करें तो जीवन कैसे बसर होगा।इसी तरह भैंस का दूध बेचकर और खेती से गुजर-बसर करने वाली मुकेश देवी को ढ़ाई हजार की जगह 27989 हजार का बिल मिला है। वह कहती हैं कि ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं हूं। बिजली दफ्तर में भी बिल कैसे ठीक कराने जाऊं। ये परेशानी सिर्फ इन्हीं की नहीं है, बल्कि यहां के लगभग 100 लोगों को ऐसा बिजली बिल भेजा गया है। लोग विभाग के चक्कर काट-काटकर परेशान हैं। वहीं बिल भरने की लास्ट डेट भी निकल गई है। अब उपभोक्ताओं को सरचार्ज का डर सता रहा है।

‘कहां से आएंगे इतने पैसे?’
गांव के ही बुद्धराम बताते हैं कि 2 बेटों की प्राइवेट नौकरी से घर चलता है। हमारा 39000 का बिजली बिल आया है। इतने रुपयों की व्यवस्था कैसे करेंगे। बिजली अधिकारियों से शिकायत करो तो कहते हैं कि एक बार पैसा जमा कर दो, अगले बिल में ठीक कर देंगे।

‘नए डिजिटल मीटर से हो रही समस्या’
राजवती नाम की महिला ने बताया कि ‘म्हारा गांव, जगमग गांव’ योजना के तहत लोगों को चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के नाम पर नए मीटर लगाए गए। मीटर घरों से निकाल कर बाहर किए गए। अब बिजली बिलों की बात आई तो कई गुना ज्यादा बिल भेजा गया। सामान्य तौर पर 1500 रुपये का बिल आता था, लेकिन इस बार 34924 रुपये बिल थमा दिया गया। बिल ठीक करवाने पहुंचे तो बताया गया कि पिछले मीटर की रीडिंग जोड़ दी गई है। राजू सिंह ने बताया कि 4 लोगों के परिवार में 2 महीने का बिजली का बिल 3 से 4 हजार रुपये आता था। बिजली निगम ने पुराने बिजली के मीटर हटाकर नए डिजिटल मीटर लगाए हैं। मीटर रीडिंग भी लेकर गए। बावजूद इसके उन्हें 74777 रुपये का बिल थमा दिया। जब इसे ठीक करवाने बादशाहपुर सब डिविजन ऑफिस गए तो बिजली अधिकारियों ने यह कहकर टरका दिया कि लास्ट डेट से पहले पूरी पेमेंट जमा कर दो, अगले बिल में एडजेस्ट कर दिया जाएगा। गरीब किसान परिवार के लोग एक साथ 75 हजार रुपये का बिल कैसे जमा करेगा। मामले पर बादशाहपुर सब डिविजन के अफसर धर्मेंद्र रूहिल ने कहा कि गांव में करीब 99 मीटर बदले गए। इन मीटरों में लेस बिलिंग थी। यदि उपभोक्ता को इस प्रकार की परेशानी है तो वे सब डिविजन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। टोटल असेसमेंट कर बिल सही कर दिया जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here