लगातार थकावट,जोरों में दर्द जैसी परेशानियों में ऐसा करने से मिलेगा आराम,जाने कैसे

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :-  नई दिल्ली: तेजी से वजन बढ़ना, मसल्स और ज्वाइंट में दर्द होना, बेवजह कमजोरी का अहसास होना और दिन भर सुस्ती छाए रहना आम समस्या है. ज्यादातर लोग इन समस्याओं को थकावट और नींद की कमी से जोर देते हैं और निश्चिंत हो जाते हैं. दरअसल, लाइफस्टाइल भी तेजी से बदल रहा है. ऐसे में न तो उठने का समय निश्चित है और न सोने का. कभी आप जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं और कभी ऐसा भी होता है कि दिन भर भूखे रह जाते हैं, क्योंकि आपके पास खाने का समय नहीं होता है. बदले लाइफस्टाइल के बावजूद अगर आप लगातार थकावट, जोरों में दर्द जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं तो सावधान होने की जरूरत है.न्यूट्रिशन कनिका खन्ना का कहना है कि इस तरह की साधारण समस्याएं शरीर में विटामिन-D की कमी की वजह से होता है. कनिका कहती हैं, अगर इस तरह का दर्द लगातार हो रहा है तो सबसे पहले ब्लड टेस्ट करवाएं और पता करें कि आपके शरीर में विटामिन D-3 का लेवल क्या है. अगर इसकी मात्रा शरीर में जरूरत से कम होती है तो इस तरह की समस्याएं होती रहेंगी. कनिका खन्ना का तो यहां तक कहना है कि भारत में करीब 70 फीसदी लोगों में विटामिन-D की कमी होती है. वे इस तरह की समस्याओं से भी जूझते हैं, लेकिन इसे बीमारी नहीं मानते हैं और सबकुछ चलते रहता है.सूर्य की किरण को विटामिन का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है. इसलिए, शरीर में विटामिन की मात्रा को बनाए रखने के लिए एक सप्ताह में चार से पांच बार सनबाथ (कुछ देर के लिए धूप में खड़े हों) लेना जरूरी है. सुबह 8 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद का वक्त सनबाथ के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान धूप में बिना चेहरा कवर किए हाथ फैलाकर खड़े हो जाएं. 15-20 मिनट तक सनबाथ लेने से जिंदगी में कभी भी विटामिन-D की कमी नहीं होगी.इसके अलावा salmon, sardines मछली में, अंडा और मीट में विटामिन-D की भरपूर मात्रा होती है. जो लोग वेजिटेरियन हैं वे अपने खाने में सूरजमुखी के बीज, सोयाबिन के प्रोडक्ट, डेयरी प्रोडक्ट और लो फैट फूड को जरूर शामिल करें. विटामिन-D की दवा, इंजेक्शन या पाउडर का इस्तेमाल कभी भी अपने मन से नहीं करें. जब तक डॉक्टर इसकी सलाह नहीं देते हैं, इसका सेवन बिल्कुल भी न करें.