रूटीन में ब्लैक कॉफी को करें शामिल, लीवर की परेशानी होगी दूर…

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :  क्या आपकी सुबह की शुरुआत एक कप चाय या कॉफी के साथ होती है? वैसे तो आज के समय में ऐसे बहुत कम लोग ही होंगे जिन्हें ऐसे आदत न हो। लेकिन मैंने कई लोगों को कहते सुना है कि सुबह-सुबह चाय या कॉफी या ज़्यादा मात्रा में इनका सेवन करने से हेल्थ को नुकसान पहुंचता है। इसलिए कुछ लोग अपने रूटीन से इन चीज़ों को कम देते हैं। डरते हुए कि कहीं उन्हें एसिडिटी  या कोई और समस्या न हो जाए। लेकिन एक शोध ने आपके इस दिमागी सवाल का जवाब ढूंढ लिया है। जी हां, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दो से तीन कप कॉफी बिना दूध या चीनी मिलाए पीने से लीवर संबधी रोग का खतरा कम हो जाता है, जिसमें लीवर का कैंसर भी शामिल है। जो लोग रोजाना दो कप से ज्यादा कॉफी पीते हैं, अगर उन्हें पहले से लीवर संबंधी कोई बीमारी है, तो उसमें भी फायदा होता है। यहां तक कि यह कैंसर को पनपने से भी रोकता है और मृत्यु दर में भी कमी आती है।

राजधानी के फोर्टिस एस्कार्टस लीवर एंड डायजेस्टिव डिजिज संस्थान के सीनीयर कंसल्टेंट डॉ. मानव वर्धवान बताते हैं, “कॉफी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और इसका फायदा कई रोगों में काम आता है। हृदय रोग से लेकर टाइप 2 डायबिटीज़ और पार्किसन रोग से भी कॉफी पीने से बचाव होता है।”

वर्धवान सलाह देते हैं, “कॉफी बिना चीनी के पीनी चाहिए। अगर आप चीनी मिलाते हैं तो यह कैफीन के असर को कम कर देता है। साथ ही या तो बेहद कम दूध डालें या बिना दूध की कॉफी पीएं। कॉफी में पाए जानेवाले विभिन्न तत्व लीवर पर अच्छा असर डालते हैं। इन तत्वों में कैफीन, कॉफी का तेल कहवोयल, कैफेस्टोल और कॉफी बीन में पाए जानेवाले एंटीआक्सीडेंट पदार्थ हैं।

सरोज सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सीनीयर कंसलटेंट (गैस्ट्रोइंटरोलॉजी) डॉ. रमेश गर्ग बताते हैं, “एपीडेमियोलॉजिकल अध्ययन में दृढ़ता से यह सुझाव दिया गया है कि रोजाना लगभग तीन कप कॉफी पीने से लीवर के नुकसान का खतरा घट जाता है जो इटियोलॉजिकल एजेंट के एक किस्म की वजह से होता है।”
गर्ग सलाह देते हैं, “कॉफी उन लोगों के लिए भी सुरक्षित है जो लीवर की बीमारी से जूझ रहे हैं। लेकिन यह समझना चाहिए कि संयम एक कुंजी है और डॉक्टर की सलाह से ही इसे लेना चाहिए।”

इटली के शोधकर्ताओं के एक दल ने निष्कर्ष निकाला था कि 5-6 कप रोजाना कॉफी पीने से नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर डिजिज (एनएएफएलडी) से बचाव होता है।
इटली के नापोली विश्वविद्यालय के विंसेंजो लेंबो का कहना है, “पूर्व के शोधों से इसकी पुष्टि होती है कि कैफीन एनएएफएलडी के नुकसान की भरपाई करता है, लेकिन आंतों की गड़बड़ियों को भी कैफीन ठीक करता है। इसका पता पहली बार चला है।तो अगर आप भी चाहते हैं लीवर की परेशानियों से छुटकारा, तो आज ही से अपने रूटीन में शामिल करें ब्लैक कॉफी। ऐसा नहीं है कि जिन्हें लीवर संबंधित समस्याएं हैं, यह उन्ही लोगों के लिए फायदेमंद है, बल्कि पूरी तरह से स्वस्थ लोग भी इन्हें अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं। इससे लीवर की कोई समस्या आपके करीब नहीं आएगी।