राजकोट: गुजरात के इस गांव में प्रचार पर है बैन, लेकिन वोटिंग होती है 95-96%

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- राजकोट गुजरात के राजकोट जिले में एक गांव है राजसमढियाल। इस गांव में राजनीतिक पार्टियों के गांव में प्रचार करने पर मनाही है। ठहरिए, ऐसा इसलिए नहीं कि ये ग्रामीण चुनाव का बहिष्‍कार कर रहे हैं, बल्कि यह नियम इसलिए है ताकि गांव का वातावरण प्रदूषित न हो, माहौल न खराब हो।यह गांव अपने निवासियों के मताधिकार को लेकर बहुत सजग है। अगर कोई मतदाता यहां अपना वोट नहीं डालता तो उस पर बाकायदा 51 रुपयों का जुर्माना भी लगाया जाता है। इस गांव के सरपंच अशोक भाई वाघेरा कहते हैं, ‘हमारे पूर्व सरपंच हरदेव सिंह जडे़जा के समय से ही यहां चुनाव प्रचार की मनाही है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इस गांव के निवासी मानते हैं कि इस तरह माहौल खराब होगा।

वोट न डालने वाले पर जुर्माना’ 
अशोक भाई आगे बताते हैं, ‘जो लोग वोट नहीं डालते उन पर 51 रुपयों का जुर्माना भी लगाया जाता है। वैसे हर बार कोशिश यही रहती है कि 100 प्रतिशत वोटिंग हो। लेकिन वो‍टर लिस्‍ट में ऐसे भी लोगों के नाम हैं जो मर चुके हैं या उन लड़कियों के नाम भी शामलि हैं जिनकी शादी हो गई है और वे कहीं और चली गई हैं। फिर भी यहां वोटिंग प्रतिशत 95 से 96 प्रतिशत तक रहता है।’ वैसे यह गांव सिर्फ इसी वजह से चर्चा में नहीं रहता। यह गुजरात का ऐसा आदर्श गांव है जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां कोई भी अपने घर या दुकान में ताला नहीं डालता।

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