मोदी सरकार करेगी आरटीआई कानून में संशोधन!

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:
भूपेश ने संवैधानिक हमला बताया, रमन ने कहा-विरोध नहीं, सुझाव दें
जसेरि रिपोर्टर
रायपुर। केंद्र की मोदी सरकार आरटीआई कानून में संशोधन करने जा रही है। सोमवार को लोकसभा में इस पर चर्चा होगी। इधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली दौरे से लौटने के बाद आरटीआई संशोधन पर सवाल उठाया है। भूपेश ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोगों को सशक्त करने का काम किया है, लेकिन जब-जब बीजेपी को मौका मिला तो उन लोगों ने कमजोर करने का काम किया है। जितनी भी संवैधानिक संस्था है, उन्हें बीजेपी कमजोर करती जा रही है। लोकतंत्र में इनका भरोसा नहीं रहा है। सभी इस बात को जानते हैं। मैं समझता हूं कि जो लोग लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, उन्हें मिलकर इसका विरोध करना चाहिए. आरटीआई संशोधन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवाल उठाने पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज नहीं करना चाहिए, बल्कि सुझाव देना चाहिए। पहले प्रारूप देख लें, उसके बाद बात करनी चाहिए. जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार ने 12 जुलाई को मानसून सत्र के लिए लोकसभा के कार्यदिवसों की सूची जारी की थी। जिसमें लिखा था कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में संशोधन करने के लिए बिल सदन में पेश किया जाएगा। लेकिन संशोधन को लेकर लोगों से कोई आम राय नहीं ली गई है। सरकार ने संशोधन विधेयक के प्रावधानों को भी सार्वजनिक नहीं किया है। जबकि नियम के मुताबिक अगर कोई संशोधन या विधेयक सरकार लाती है तो उसे संबंधित मंत्रालय या विभाग की वेबसाइट पर डाला जाना चाहिए। लोगों को इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। अब लोकसभा में बिल पेश होने के बाद ही प्रावधान के बारे में जानकारी मिलेगी।