मसूढ़ों में खून आने पर करे ये घरेलू उपाय

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- मसूढ़ों में सूजन, खून आना या फिर इनका लाल होना जिंजिवाइटिस रोग कहलाता है.कई बार ऐसा एक बार होकर अपने आपअच्छाहो जाता है लेकिन यदि ऐसा बार-बार हो तो डॉक्टरी सलाह लेनामहत्वपूर्णहै.वर्ना इस समस्या के बने रहने पर दांत जड़ से ढीले होकर गिरने लगते हैं.आयुर्वेद में इस रोग को दंतमोल गति व्याधि के नाम से जानते हैं.वहीं होम्योपैथी में जिंजिवाइटिस का मुंह के दाएं या बाएं ओर होने परउपचारनिर्भर करता है.

समस्या के लक्षण
मसूढ़ों में सूजन केअतिरिक्तखून आना, दर्दवजलन होना अहम हैं.मसूढ़ों का रंग बदलनावचमकीले होना भी इसकी पहचान है.

कारण
दांतों पर बैक्टीरिया की परत ब्रश करने के बावजूद जमती रहती है.जो दांतों पर पीलेपन के रूप में दिखती है.इसकेअतिरिक्तकिसी प्रकार की एलर्जी या बैक्टीरियल, वायरलऔरफंगल इंफेक्शन होना.एंटीहाइपरटेंसिवऔरइम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेने से भी ऐसा होता है.कई बार एकदम गर्म खानपान भी वजह बनता है.विटामिन-सी की कमी से भी यहपरेशानीहोती है.

रोग संबंधी समस्याएं
मुंहऔरगले से जुड़ा सबएक्यूट बैक्टीरियल एंडोसाइडाइटिस से मसूढ़ों में बार-बार इंफेक्शन होकर जिंजिवाइटिस होता है.ऐसे में यह धीरे-धीरे गले के जरिए शरीर में फैलकर दिल की बीमारी कीसंभावनाको बढ़ा देता है.फ्लोराइड वाला पानी पीने से भी यहहोने कि सम्भावनाहै.

कारगर नुस्खे
विटामिन-सी युक्त खट्टी चीजें खाने, काढ़ाऔरविभिन्न तेलों से गरारे करनेऔरमसूढ़ों की मालिश कर सकते हैं.नीमऔरबबूल के पेड़ की ताजा डंठल से दातुन करें.अमरूदऔरकाला जामुन के पेड़ की पत्तियों को चबानेवअपामार्ग की जड़ से दातुन करने से दांतऔरमसूढ़े मजबूत होते हैं.20-30 एमएल सरसों, तिल, नारियल, लौंग या कलौंजी केऑयलसेतेलपुलिंग कर सकते हैं.

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