चुनाव आयोग का कहना है कि ईवीएम और वीवीपैट में दर्ज मतों के बीच अंतर पाए जाने पर वीवीपैट के आंकड़ों को ही आखिरी माना जाएगा

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- लोकसभा चुनाव के छह चरण के मतदान हो चुके हैं. 19 मई के सातवें और आखिरी चरण के मतदान होने हैं. 23 मई को चुनाव के नतीजे आएंगें. इससे पहले चुनाव आयोग ने कहा था कि मतदान के नतीजों में थोड़ी देरी हो सकती है. इसका कारण है कि वीवीपैट में दर्ज मतों की गिनती में समय लग सकता है. अब आयोग का कहना है कि मतगणना के दौरान ईवीएम और वीवीपैट में दर्ज मतों के बीच अंतर पाए जाने पर वीवीपैट के आंकड़ों को ही आखिरी माना जाएगागिनती के समय सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लोकसभा क्षेत्र के हर विधानसभा क्षेत्र में पांच ईवीएम और इनसे संबंधित वीवीपैट में दर्ज वोटों का मिलान किया जाएगा. हालांकि प्रत्याशी की मांग पर किसी विशेष ईवीएम और संबंधित वीवीपैट की भी गिनती की जा सकती है चुनाव आयोग की ओर से सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. बता दें इस बार सभी बूथों पर ईवीएम के साथ ही वीवीपैट का भी इस्तेमाल किया गया है.

आयोग ने साफ कर दिया है कि अगर किसी भी कारण ईवीएम और वीपीपैट में दर्ज मतों के आंकड़े अलग-अलग होते हैं तो वीपीपैट की गिनती को आखिरी मानकर चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा. मतगणना के दौरान आयोग लॉटरी के जरिए चुने गए पांच वीवीपैट की गिनती करेगा. लेकिन अगर किसी उम्मीदवार को खास ईवीएम पर संदेह हो तो वह संबंधित वीपीपैट की गिनती के लिए चुनाव अधिकारी के पास आवेदन कर सकते हैं. उम्मीदवार या तो खुद या फिर अपने मतगणना एजेंट के माध्यम से यह आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अपनी मांग के पक्ष में ठोस कारण बताना होगा. हालांकि, गिनती कराने या ना कराने का फैसला पूरी तरह चुनाव अधिकारी के विवेक पर निर्भर करेगा हालांकि ईवीएम और पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ ही आंकड़ों के आधार पर जीत-हार की स्थिति तो शाम तक साफ हो जाने की उम्मीद है. मगर, नतीजों की आखिरी घोषणा वीवीपैट की गिनती पूरी होने के बाद ही होगी. ऐसे में चुनाव नतीजों के आधिकारिक आंकड़े आने में देरी हो सकती है.बता दें इस बार सर्विस वोटर पर बार कोड का इस्तेमाल किया गया है. ऐसे में एक सर्विस बैलेट पेपर को रीडर के माध्यम से पढ़े जाने पर औसतन ढाई मिनट का समय लग रहा है. इस कारण से जिन लोकसभा क्षेत्रों में सर्विस वोटर ज्यादा हैं, वहां चुनाव परिणाम देर से जारी होंगे.