भारत अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कई कृषि उत्पाद समेत 28 आइटम पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए भारत अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कई कृषि उत्पाद समेत 28 आइटम पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है. हालांकि, 800 सीसी की क्षमता वाली मोटरसाइकिल पर ड्यूटी नहीं बढ़ेगी. इसका मतलब साफ है कि अमेरिका को अब अपने प्रोडक्ट भारत में बेचने के लिए ज्यादा टैक्स चुकाना होगा. इसको लेकर सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. आपको बता दें कि इस पर पहले ही फैसला हो चुका हैं, लेकिन अमेरिकी सरकार से इस पर बातचीत हो रही थी. लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई हैं.

मोदी सरकार का बड़ा फैसला

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 30 जून 2017 की अपनी एक पुरानी अधिसूचना को संशोधित करते हुए शनिवार को नया नोटिफिकेशन जारी किया. सीबीआईसी ने कहा है कि इस अधिसूचना के तहत ‘अमेरिका में उत्पादित या वहां से होने वाले 28 प्रोडक्ट्स पर जवाबी  इंपोर्ट ड्यूटी लगाई जाएगी.’ अधिसूचना में कहा गया है कि अमेरिका को छोड़ कर बाकी देशों से इन वस्तुओं पर व्यापार में तरजीह देश (एमएफएन) की व्यवस्था के तहत पहले से लागू दरें पहले जैसी ही बनी रहेंगी.बता दें कि वित्त वर्ष 2017-18 में भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट 47.9 अरब डॉलर था, जबकि इंपोर्ट  26.7 अरब डॉलर का हुआ था. इस तरह व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में रहा था. वहीं अब इस फैसले से देश को 21.7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा.

इन प्रोडक्ट पर बढ़ सकती हैं ड्यूटी
काबूली चने पर 30 फीसदी से बढ़ाकर ड्यूटी 70 फीसदी करने की तैयारी है.चने पर ड्यूटी 30 फीसदी से से बढ़ाकर 70 फीसदी हो सकती है.
मसूर दाल पर 30 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी हो सकती है.
सेब पर 50 फीसदी की जगह अब 75 फीसदी टैक्स लगेगा.
साबूत अखरोट पर 30 फीसदी की बजाय 120 फीसदी टैक्स लगेगा
आयरन के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट 15 फीसदी  से बढ़कर 27.5 फीसदी करने की तैयारी है
स्टील के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट 15 फीसदी से बढ़कर 22.5 फीसदी हो सकता है.
मूंगफली पर भी टैक्स बढ़ाया जा सकता है.

क्यों लिया ये फैसला- आपको बता दें कि जून महीने की शुरुआत में भारत को 44 साल पहले मिला कारोबारी वरीयता का दर्जा वापस ले लिया है. डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने कहा है कि पांच जनू से भारत के करीब 2000 उत्पादों को प्रवेश शुल्क में दी गई छूट को खत्म कर दिया था. इस फैसले से भारत के कुछ उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो गए हैं. भारत की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्रभावित हुई है.

क्या है जीपीएस स्कीम- जीपीएस स्कीम के तहत अमेरिका चुनिंदा देशों के हजारों उत्पादों को शुल्क से छूट देकर आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने का काम करता है. इसमें ज्यादातर विकासशील देश आते हैं. लगभग 120 विकासशील देशों को जीपीएस का लाभ मिलता है.