भाजपा ने चुनाव आयोग से की मांग, ‘ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर लगे रोक’

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- भाजपा ने मंगलवार को चुनाव आयोग से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य में चुनाव प्रचार से रोकने का अनुरोध किया और आरोप लगाया कि वहां ‘संवैधानिक तंत्र’ ध्वस्त हो गया है. कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हिंसा और आगजनी की घटना के बाद केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्तार अब्बास नकवी सहित पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा और राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की.

नकवी ने ममता बनर्जी पर कथित तौर पर भाजपा को निशाना बनाने के लिए हिंसा में ‘‘सहभागी’’ होने का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के अपने कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने के लिए ‘‘उकसाया’’. भाजपा प्रतिनिधिमंडल के चुनाव आयोग से मिलने के बाद नकवी ने संवाददताओं से कहा, ‘‘वह एक संवैधानिक पद पर हैं लेकिन असंवैधानिक टिप्पणियां कर रही हैं. अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को बदला लेने और हिंसा में शामिल होने के लिए कह रही हैं. वह सहभागी हैं. उन्हें प्रचार से तत्काल रोका जाना चाहिए.’’

उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के ‘‘गुंडों’’ ने राज्य प्रशासन को बंधक बना लिया है और शाह के रोड शो के दौरान हिंसा इसका एक उदाहरण है. बता दें कि आगामी 19 मई को लोकसभा चुनावों के अंतिम चरण के मतदान से पहले बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में कोलकाता में रोड शो किया. रोड शो के दौरान टीएमसी समर्थकों ने हंगामा कर दिया. एबीवीपी और टीएमसी छात्र परिषद के बीच मारपीट और पत्थरबाजी हुई. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया.

रोड शो के दौरान कुछ जगह पर आगजनी की खबर है. पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंगाल में ममता को अपनी हार दिखाई दे रही है. बीजेपी का कहना है कि हार के डर से टीएमसी हिंसा का सहारा ले रही हैं. बीजेपी ने कहा कि ममता हार से बचने की आखिरी कोशिश कर रही हैं. बीजेपी का कहना है कि ममता की साजिश को पूरा नहीं होने देंगे. ममता कुछ भी कर लें, बंगाल नहीं जीत पाएंगी. रोड शो के दौरान कुछ लोगों ने पत्थर फेंके. बीजेपी का आरोप है कि रोड शो के दौरान चार हमले किए गए हैं.