डिमेंशिया से खुद को ऐसे बचाएं, ब्रॉकली-बीन्स खाएं

जनता से रिश्ता वेबडेस्क।  डिमेंशिया कोई विशिष्ट बीमारी नहीं है। यह मूड और व्यवहार में परिवर्तन के कारण होती है। इसकी समस्या तब पैदा होती है जब मस्तिष्क अल्जाइमर्स या स्ट्रोक जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। डिमेंशिया में बातचीत करने में समस्या और मनोदशा में बदलाव होता है। इसके लक्षण दिखते ही जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श करें। हालांकि, कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो डिमेंशिया को रोकने में मदद कर सकते हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं और मस्तिष्क की कार्यक्षमता में भी सुधार करते हैं।

डिमेंशिया जैसी समस्‍याओं से बचने के लिए आपको रोजाना एक्‍सर्साइज करना चाहिए। जो लोग एक्‍सर्साइज नहीं करते हैं उनमें एक उम्र के बाद डिमेंशिया और अल्‍जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आप चाहें तो मस्तिष्‍क से जुड़े खेलों में भी हिस्‍सा ले सकते हैं, इससे भी आपको फायदा होगा।

आयुर्वेदाचार्य डॉ. एके मिश्रा की मानें तो डिमेंशिया से बचने के लिए किताबें पढ़ें और पानी पर्याप्‍त मात्रा में पिएं, क्‍योंकि मस्तिष्‍क को स्‍वस्‍थ रखने के लिए पानी की आवश्‍यकता होती है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जिनके सेवन से डिमेंशिया का खतरा कम हो सकता है।
बेरीज एंथोसायनिन का समृद्ध स्रोत है, जो मनोभ्रंश और अल्जाइमर को रोकता है। इसके अलावा, बेरीज में विटमिन सी, ई और ऐंटीऑक्सिडेंट जैसे पोषक तत्‍व भी होते हैं, जो बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। बेहतर परिणाम के लिए ब्लूबेरी, चेरी और स्ट्रॉबेरी की खपत को बढ़ाएं।

ब्रॉकली का सेवन मस्तिष्क के कार्य को बढ़ाता है। ब्रॉकली में कोलीन होता है, जो स्मृति और बेहतर संज्ञानात्मक क्षमताओं को बढ़ाता है। डिमेंशिया से बचाव के लिए ब्रॉकली का सेवन करें।