बैकुंठपुर : पच्चास लाख की लागत से बन रहे जलाशय के निर्माण में गड़बड़ी

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- बैकुंठपुर गणेशपुर जलाशय का अस्तित्व बचाने 50 लाख की लागत से कैचमेंट का पानी डायवर्ट करने हो रहे वियर निर्माण कार्य को लेकर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। मामले में कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग व्हीएस साहू से विभागीय पक्ष के लिए पूछा गया तो उन्होंने कार्य की जांच की बातें कही हैै।ग्रामीणों का कहना है कि इसमें भ्रष्टाचार किया जा रहा है। अफसर यहां के एक राज मिस्त्री को निर्माण कार्य का जिम्मा दिए हैं। यही नहीं 10 से 15 दिन तक कोई अफसर जांच करने नहीं आते हैं। वहीं अधिकारी गुणवत्ता पूर्वक कार्य होने की बात कह रहे हैं। इसका फायदा गांव के ही कुछ लोग जो नेताओं से सांठ-गांठ किए हैं। वह घटिया स्तर का काम करा कर कार्य को आनन फानन में पूरा करने को लगे है। इसके बाद भी एक साल में कार्य पूरा नहीं हो सका है। यही नहीं निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी पानी जलाशय तक पहुंचना शायद ही संभव हो सके। बता दें कि मामला बैकुंठपुर जल संसाधन विभाग के ग्राम पंचायत पूटा के गणेशपुर जलाशय का है। इस जलाशय को बने 50 साल से अधिक होने को है। पर यहां पानी का भराव हर साल कम होता जा रहा है। इस जलाशय को भरने के लिए आने वाले रास्ते की सफाई की जा सकती थी पर ऐसा न करके जल संसाधन विभाग की तरफ से जलाशय से 800 मीटर दूर जलाशय के कैचमेंट पानी डायवर्ट करने के लिए 50 लाख की लागत से वियर निर्माण कार्य मंजूर करा लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बनने से जलाशय के पानी भराव में लाभ नहीं मिलेगा, यदि इसके जगह जिन रास्तों से इस जलाशय में पानी आता था उस रास्ते की सफाई कर दी जाती तो 50 लाख रुपए खर्च किए बिना ही जलाशय में पानी का भराव हो जाता। 00 हाल है बेहाल फिर भी है विभागीय चुप्पी ग्रामीणों ने बताया है कि उक्त कार्य में गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग निर्माण कार्य में हो रहा है ,अचरज की बात यह भी है कि कागजों में 27 किमी दूर डूमरिया नदी का रेत परिवहन बताया गया है ,जबकि रेत चंद दूरी से लाई जा रहा है वही अन्य सामग्री का स्तर ऐसी है। कुछ ही दूरी में हुए निर्माण में अभी से ही दरारें आना शुरू हो गया है। निर्माण कार्य खनिज संस्थान न्यास मद और मनरेगा योजना के तहत वित्तीय साल 2017-18 की मंजूरी थी जो साल 2018 में समाप्त हो जाना था लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है।

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