बच्चों के पालन-पोषण में न करें ये गलतियां, आज ही संभल जाएं

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:  बच्चे का पालन पोषण करना कोई आसान काम नहीं है. इसके लिए धैर्य और ढेर सारा समय चाहिए होता है. खासतौर पर नए पैरेंट्स को इन परेशानियों का सामना सबसे ज्यादा करना पड़ता है. कई बार बच्चे की देखभाल में नए पैरेंट्स कुछ ज्यादा ही भावना में बह जाते हैं और कुछ गलतियां कर बैठबच्चे का पालन पोषण करना कोई आसान काम नहीं है. इसके लिए धैर्य और ढेर सारा समय चाहिए होता है. खासतौर पर नए पैरेंट्स को इन परेशानियों का सामना सबसे ज्यादा करना पड़ता है. कई बार बच्चे की देखभाल में नए पैरेंट्स कुछ ज्यादा ही भावना में बह जाते हैं और कुछ गलतियां कर बैठते हैं. ये गलतियां बच्चे को शारीरिक और मानसिक तौर पर हानि पहुंचा सकती हैं. आइए जानते हैं वो कौन सी पांच गलतियां हैं जो ज्यादातर पैरेंट्स अपने बच्चों की देखभाल के समय करते हैं. बच्चे का पालन पोषण करना कोई आसान काम नहीं है. इसके लिए धैर्य और ढेर सारा समय चाहिए होता है. खासतौर पर नए पैरेंट्स को इन परेशानियों का सामना सबसे ज्यादा करना पड़ता है. कई बार बच्चे की देखभाल में नए पैरेंट्स कुछ ज्यादा ही भावना में बह जाते हैं और कुछ गलबच्चे का पालन पोषण करना कोई आसान काम नहीं है. इसके लिए धैर्य और ढेर सारा समय चाहिए होता है. खासतौर पर नए पैरेंट्स को इन परेशानियों का सामना सबसे ज्यादा करना पड़ता है. कई बार बच्चे की देखभाल में नए पैरेंट्स कुछ ज्यादा ही भावना में बह जाते हैं और कुछ गलतियां कर बैठते हैं. ये गलतियां बच्चे को शारीरिक और मानसिक तौर पर हानि पहुंचा सकती हैं. आइए जानते हैं वो कौन सी पांच गलतियां हैं जो ज्यादातर पैरेंट्स अपने बच्चों की देखभाल के समय करते हैं.बहुत सारे पैरेंट्स की आदत होती है कि जब भी उनका बच्चा रोता है तो उसका ध्यान भटकाने के लिए वह उसे फोन पर कोई विडियो या फिर म्यूजिक चला देते हैं. वह बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन पकड़ा देते हैं ताकि बच्चा रोना बंद कर दें लेकिन यह बिल्कुल गलत है. क्या आप जानते हैं कम उम्र में बच्चे के हाथ में स्मार्टफोन दे देना बाद में आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है. बच्चों का जल्द ही स्मार्टफोन की आदत लग जाती है और फिर वह उसे देखेने के लिए जिद्द करने लगते हैं.अक्सर मां-बाप अपने बच्चे को समझाने के लिए उसकी तुलना दूसरे बच्चों के साथ करने लगते हैं. उदाहरण के लिए किसी का बच्चा ज्यादा खाना खाता है, किसी का बच्चा जल्दी चलने लगा या बोलने लगा. आपको बता दें कि अपने बच्चे की तुलना किसी अन्य बच्चे से बिल्कुल न करें. हर बच्चा अपने आप में खास होता है. जरूरी नहीं कि उसका विकास भी दूसरे बच्चे की तरह ही हो रहा हो. कुछ बच्चे चीजें जल्दी सीख लेते हैं और कुछ को सब कुछ सीखने में थोड़ा ज्यादा समय लग जाता है. इसलिए इन सब बातों को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है.जब लोग नए अभिभावक बनते हैं तो अपने बच्चे के जरा से रोने से घबरा जाते हैं. उनको लगता है कि कहीं उनका बच्चा भूखा तो नहीं या फिर उसे कोई परेशानी तो नहीं हो रही. हालांकि बच्चे के जरा से रोने से परेशान होने की जरूरत नहीं है. कभी कभी बच्चे आपका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए भी रोने लगते हैं, वह चाहते हैं कि आप जल्दी उनके पास आ जाएं. जरूरी है कि आप अपने बच्चों के इशारों को जितना जल्दी हो सके समझने लगें.जब आप पहली बार पैरेंट्स बनने वाले होते हैं तो लोग आपको कई तरह की नसीहत देते हैं. ऐसे में आप सोच में पड़ जाते हैं कि क्या करें और किसकी सुनें. इन परिस्थितियों में घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि एक अभिभावक बनने के बाद धीरे धीरे आपको खुद समझ आ जाएगा कि उसके लिए क्या सही और बेहतर है.