प्रियंका को पसंद आई थी रॉबर्ट वाड्रा की ये खूबी

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी की कांग्रेस में आधिकारिक एंट्री के ऐलान होते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई थीं. कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को पार्टी का महासचिव बनाया है और उन्हें पूर्वी यूपी की जिम्मेदारी सौंपी है. सोमवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपने भाई राहुल गांधी के साथ लखनऊ में अपना पहला रोड शो कर अपना सियासी पदार्पण कर रही हैं. यूं तो प्रियंका देश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार की बेटी हैं लेकिन वैलेंटाइन वीक में हम आपको उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि से हटकर बताएंगे उनकी प्रेम कहानी के बारे में.
  • प्रियंका ने भी अपनी परिवार की परंपरा का पालन करते हुए लव मैरिज की थी. प्रियंका को दिल्ली के एक बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा से प्यार हुआ. वह पहली बार रॉबर्ट वाड्रा से 13 साल की उम्र में मिली थीं. इसके बाद धीरे-धीरे दोनों की बातचीत शुरू हो गई और देखते ही देखते दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई.

  • कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले रॉबर्ट वाड्रा की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी. रॉबर्ट वाड्रा का जन्म 18 अप्रैल 1969 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर में हुआ था. मुरादाबाद पीतल के काम के लिए प्रसिद्ध है.

    वाड्रा के पिता राजेंद्र वाड्रा पीतल व्यवसायी थे और मां मूलत: स्कॉलैंड की निवासी हैं. मूल रूप से रॉबर्ट वाड्रा का परिवार पाकिस्तान के सियालकोट से है. भारत विभाजन के समय रॉबर्ट वाड्रा के दादा भारत आकर बस गए थे.

  • रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका एक ही स्कूल में पढ़ते थे. दोनों की मुलाकात रॉबर्ट वाड्रा की बहन मिशेल वाड्रा के जरिए हुई. तब से ही दोनों एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बन गए थे. रॉबर्ट वाड्रा का परिवार पीतल और आर्टिफिशल ज्वैलरी के बिजनेस में था. वह प्रियंका को खास ज्वैलरी तोहफे में दिया करते थे. रॉबर्ट वाड्रा जल्द ही प्रियंका के भाई राहुल गांधी

  • जब एक बार प्रियंका मुरादाबाद में रॉबर्ट से मिलने पहुंची तो उनकी प्रेम कहानी की चर्चा शुरू हो गई. हालांकि रॉबर्ट वाड्रा नहीं चाहते थे कि उनके रिश्ते के बारे में किसी को पता चले.  रॉबर्ट वाड्रा ने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘हम तब मिले थे जब दिल्ली के ब्रिटिश स्कूल में पढ़ते थे. मुझे लगा कि वह मुझमें दिलचस्पी रखती हैं. हम दोनों एक-दूसरे से काफी बातें करते थे लेकिन मैं नहीं चाहता था कि लोग इसके बारे में जानें क्योंकि लोग इसे गलत तरीके से लेते.’ प्रियंका के इर्द-गिर्द सुरक्षा का कड़ा घेरा रहता था लेकिन क्लासमेट होने की वजह से रॉबर्ट और प्रियंका को एक-दूसरे से मिलने का मौका मिल जाता था.रॉबर्ट वाड्रा ने प्रियंका के सामने सीधे शादी का प्रपोजल रखा था. प्रियंका और उनका परिवार बचपन से ही रॉबर्ट को जानता था इसलिए प्रियंका ने तुरंत हामी भर दी. जब दोनों ने शादी का फैसला कर लिया तो दोनों अपने परिवार वालों के पास पहुंचे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रॉबर्ट के पिता पहले इस शादी के लिए तैयार नहीं थे लेकिन फिर शादी के लिए अपनी मंजूरी दे दी. 18 फरवरी 1997 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए. दोनों की शादी मां सोनिया गांधी के आवास दस जनपथ पर हिंदू रीति-रिवाजों से हुई. प्रियंका और रॉबर्ट के दो बच्चे भी हैं-मिराया वाड्रा और रेहान वाड्रा. पूरा परिवार गुड़गांव में साथ रहता है. रॉबर्ट ना तो किसी बहुत ही अमीर परिवार से थे और ना ही असाधारण प्रतिभा वाले. यहां तक कि वह कई एग्जाम्स में फेल भी होते थे लेकिन प्रियंका को रॉबर्ट की सादगी पसंद आ गई और दोनों ने एक-दूसरे के साथ पूरी जिंदगी बिताने का वादा किया. प्रियंका ने अपने पति रॉबर्ट वाड्रा के बारे में एक इंटरव्यू में कहा था, “जब मैं उनसे पहली बार मिली तो उन्होंने मुझे अलग तरह से ट्रीट नहीं किया, मुझे ये अच्छा लगा. वह दिल से बहुत ईमानदार इंसान हैं. वह अपने तरीके से जीते हैं और उन्हें दूसरी चीजें प्रभावित नहीं करतीं. उनके लिए एक हाई प्रोफाइल राजनीतिक परिवार का माहौल बिल्कुल नया था लेकिन जिस तरह से उन्होंने सब कुछ संभाला, वह शानदार है.” प्रियंका और रॉबर्ट हर परिस्थिति में एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं और यही उनके प्रेम कहानी को मिसाल बनाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here