पाक ने चीन से किया अनुरोध, कहा- उइगर मुसलमानों पर पाबंदी का मुद्दा उठा

Hits: 5

जनता से रिश्ता वेबडेस्क : इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने चीन से उइगुर मुसलमानोंपर लगी पाबंदी में ढील देने का अनुरोध किया है. यह अनुरोध ऐसे वक्त किया गया है जब चीन के पश्चिम में सुदूरवर्ती शिनजियांग क्षेत्र में अल्पसंख्यक उइगुर समुदाय के दस लाख लोगों को हिरासत में लिये जाने की खबरें आई हैं. ‘डॉन’ अखबार के मुताबिक, धार्मिक और अंतरधार्मिक सौहार्द मामलों के लिए पाकिस्तान के संघीय मंत्री नुरूल हक कादरी और चीनी राजदूत याओ जिंग के बीच इस सप्ताह यहां बैठक में उइगुर पर पाबंदी का मुद्दा उठा.

चीनी मुसलमानों से संबंधित मुद्दे पर चुप्पी बनाए रखने की परंपरा तोड़ते हुए कादरी ने कहा कि चीन के शिनजियांग प्रांत में वे सभी मुसलमान कई तरह की पाबंदी का सामना कर रहे हैं और उन्होंने पाबंदी में ढील दिए जाने की मांग की. कादरी ने चीनी दूत से कहा कि पाबंदी से प्रतिक्रिया में अतिवादी विचारधारा के प्रसार की आशंका है.

पाकिस्तान से जुड़े धार्मिक विद्वानों के बीच वार्ता पर भी चर्चा हुई. चीनी दूत ने कहा कि चीन में दो करोड़ मुसलमान रहते हैं और उन्हें अपने धर्म के पालन की पूरी स्वतंत्रता हासिल है.

उइगर मुस्लिमों से हद दर्जे की नफरत करता है चीन, महिला ने बयां की दर्दनाक दास्तां
एक तरफ चीन अपने फायदे के लिए पाकिस्तान के साथ दोस्ती निभा रहा है, वहीं दूसरी ओर वह मुस्लिमों पर जुल्म की इंतेहा पार कर रहा है. यूं तो चीन में उइगर मुस्लिमों के साथ होने वाले अत्याचार की कई खबरें में मीडिया में आती हैं, लेकिन इस बार इसी समाज की सताई गई एक महिला ने दर्द भरी दास्तां बयां की है. उइगर समाज की महिला ने खुलकर बताया है कि चीन में उसके समाज के लोगों के साथ किस तरह के अत्याचार और प्रताड़ित किया जाता है. महिला का कहना है कि चीन की पुलिस और प्रशासन कभी भी किसी भी उइगर को उठाकर ले जाते हैं और उन्हें प्रताड़ित करते हैं.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक उइगर समाज की महिला गुलनाज ने इंडिपेंडेंट में एक आलेख लिखा है. इस आलेख में उसने बताया है कि चीन उइगर समाज के लोगों से नफरत करता है. चीनी लोग चाहते हैं कि उइगर उन्हीं की धर्म और संस्कृति को अपना लें. वे इस्लाम से पूरी तरह नफरत करते हैं. उइगर अपनी सभ्यता-संस्कृति छोड़ना नहीं चाहते हैं, इसलिए चीनी लोग अत्याचार करते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here