पाकिस्तान सरकार ने रक्षा बजट में 4.5% की वृद्धि की

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- पाकिस्तानी सेना ने देश की खराब अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए रक्षा बजट में कटौती का ऐलान किया था। पाक सरकार ने दावा किया है कि अगले वित्त वर्ष (2019-20) के लिए उसके रक्षा बजट को बिना बदलाव के 1,15,25,350 लाख रुपये पर ही रखा गया है। हालांकि, सरकारी दस्तावेजों के अनुसार पिछले साल की तुलना में रक्षा व्यय में 4.5 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है।

पाकिस्तान के रक्षा बजट में मामूली वृद्धि
चालू वित्त वर्ष के लिए रक्षा क्षेत्र का मूल आवंटन 1,10,03,340 लाख रुपये था, लेकिन इसे बाद में बढ़ाकर 1,13,77,110 लाख रुपये कर दिया गया। इसके बाद इसमें 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस तरह पिछले आवंटन से 5,22,010 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई है जो 4.5 प्रतिशत है। राजस्व राज्य मंत्री हम्माद अजहर ने मंगलवार को 2019-20 के अपने बजट भाषण में ब्योरा नहीं दिया और केवल इतना कहा कि रक्षा बजट बिना बदलाव के 1,15,25,350 लाख रुपये रहेगा।

पाक सेना ने स्वैच्छिक बजट कटौती का प्रस्ताव दिया था
बता दें कि पिछले सप्ताह पाकिस्तानी सेना ने आर्थिक संकट को देखते हुए स्वैच्छिक बजट कटौती का ऐलान किया था। पाक सेना के इस कदम के पीछे कई संकेत माने जा रहे हैं। अब तक पाकिस्तान अपने बजट का सबसे बड़ा हिस्सा सेना पर खर्च करता आ रहा है। माना जा रहा है कि गंभीर आर्थिक संकट के साथ वैश्विक दबाव के बीच पाक ने बजट कटौती का ऐलान किया।

पाक सेना की बजट कटौती को वैश्विक दबाव माना जा रहा
पाकिस्तानी सेना स्वेच्छा से बजट कटौती की बात की, लेकिन क्या वाकई में ऐसा है? लड़खड़ाती पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आईएमएफ ने करीब 6 बिलियन डॉलर का लोन दिया है। खराब अर्थव्यवस्था के कारण पाकिस्तानी सरकार कई तरह की पाबंदियों, ऋण के कठोर शर्तों और बड़े कर्जे के बीच दबी हुई है। पाकिस्तानी मुद्रा भी लगातार कमजोर हो रही है। पाकिस्तानी सरकार से उम्मीद की जा रही है कि सैन्य बजट कटौती के बाद आदिवासी क्षेत्र बलूचिस्तान में शांति और विकास के लिए कुछ काम होंगे। इस वक्त सरकार के कुल खर्चे में से करीब 50% हिस्सा सेना और कर्जों को चुकाने में जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here