पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने वाला निजी विधेयक पेश

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- कांग्रेस और टीएमसी समेत अन्य विपक्षी पार्टियों के स्थगनादेश प्रस्ताव के बावजूद लोकसभा में शुक्रवार को कुल 44 निजी बिल पेश हुए. बीजेपी के एक सदस्य ने पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने वाला गैर-सरकारी विधेयक पेश किया. इसके अलावा गोकशी और गोवंश के वध पर पाबंदी लगाने वाला निजी विधेयक भी पेश किया गया. वहीं, भोजपुरी, राजस्थानी और भोटी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव भी निचले सदन में पेश किया गया.

लोकसभा में शुक्रवार को पेश किए निजी बिल में मतदान को संविधान के तहत मौलिक अधिकार बनाने और निजी क्षेत्र में अनुसूचित जातियों-अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण के प्रस्ताव वाले निजी विधेयक भी शामिल थे. लोकसभा में शुक्रवार को दोपहर बाद का समय गैर-सरकारी कामकाज का होता है. इस दौरान सदस्यों के निजी विधेयक पेश किए जाते हैं. भाजपा के रवि किशन ने भोजपुरी, राजस्थानी और भोटी भाषाओं को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए संविधान संशोधन के प्रस्ताव वाला गैर-सरकारी विधेयक पेश किया.

पाकिस्तान आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित हो
भाजपा के संजय जायसवाल ने ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने से जुडा विधेयक, 2019’ पेश किया. लोकसभा ने शुक्रवार को केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, 2019 को मंजूरी दी, जिसमें आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय और आंध्र प्रदेश केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के नाम से एक जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है. निचले सदन में बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के क्रियान्वयन के तहत यह विधेयक लाया गया है.

मोदी है तो शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा
निशंक ने कहा, आजादी के बाद यह पहली बार हुआ है कि किसी नवगठित राज्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान खोले गए हैं. यह मोदी सरकार में ही संभव हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि सभी केंद्रीय संस्थानों में रिक्तियों को छह महीने के अंदर भर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहली बार हमारे तीन संस्थान दुनिया के शीर्ष संस्थानों की वैश्विक रैंकिंग में पहुंचे हैं. कई संस्थान इसमें शामिल होने के करीब पहुंच चुके हैं. मंत्री के जवाब के बाद सदन ने सदस्यों के कुछ संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को मंजूरी दे दी.

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