नोटबंदी के दो साल पुरे हुए,2016 में आज के दिन ही PM मोदी ने 500,1000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था.

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- 2016 में आठ नवंबर की रात आठ बजे प्रधानमंत्री ने टीवी चैनलों और रेडियो के जरिए ऐलान किया था कि उसी समय से 500 और 1000 रुपये के नोट चलन से बाहर हो जाएंगे और उनकी जगह नए नोट लाए जाएंगे। उनका दावा था कि नोटबंदी कालेधन के खिलाफ मुहिम हैं तो मनमोहन सिंह ने इसे देश के लिए आपदा करार दिया था। जाने, नोटबदी को लेकर किसने क्या कहा,इस फैसले से देश को एक बड़ा झटका देने वाले पीएम मोदी ने उस समय कहा था कि नोटबंदी काले धन के खिलाफ एक बड़ी मुहिम है। उन्होंने नोटबंदी को चरमपंथ और आतंकवाद की फंडिंग के खिलाफ एक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कहा था। साथ ही कैशलेस अर्थव्यवस्था और डिजिटल सोसायटी की तरफ एक बड़ा कदम बताया था।उस समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस फैसले को देश के लिए आपदा बताते हुए कहा था कि देश मुश्किल दौर के लिए तैयार रहे। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगा। इस फैसले ने भारतीयों को अपनी और अपने धन की सुरक्षा को लेकर कायम भरोसा चकनाचूर कर दिया है। मोदी सरकार का सोचना गलत है कि सारा कैश कालेधन में और सारा काला धन कैश में मौजूद है। यह हकीकत से दूर है।अब दो साल पूरे होने पर पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, नोटबंदी से जीडीपी में गिरावट तो दर्ज हुई ही, उसके और भी असर देखे जा रहे हैं। छोटे और मंझोले धंधे भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं जिसे नोटबंदी ने पूरी तरह से तोड़ दिया। अर्थव्यवस्था लगातार जूझती जान पड़ रही है जिसका बुरा असर रोजगार पर पड़ रहा है। युवाओं को नौकरियां नहीं मिल पा रहीं। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिए जाने वाले कर्ज और बैंकों की गैर-वित्तीय सेवाओं पर भी काफी बुरा असर पड़ा है। नोटबंदी के कारण रुपए का स्तर गिरा है जिससे मैक्रो-इकोनॉमी भी काफी प्रभावित हुई है।कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी के लिए भी अच्छी नहीं है राहुल गांधी ने कहा, ‘यदि मैं प्रधानमंत्री होता और कोई मुझे नोटबंदी करने के प्रस्ताव की फाइल देता तो मैं उसे कचरे के डिब्बे में, कमरे से बाहर या कबाड़खाने में फेंक देता।’पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एक बार फिर नोटबंदी को एक विफल नीति बताते हुए कहा कि इस मामले में सरकार हर दिन अपना लक्ष्य बदलती रही है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से 100 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। चिदंबरम ने कहा, नोटबंदी कालेधन को सफेद करने के लिए की गई।आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का सोचना था कि नोटबंदी के बाद बेसमेंट में नोट छुपाकर रखने वाले लोग सामने आएंगे और माफी मांगकर कहेंगे कि हम इसके लिए कर देने को तैयार हैं लेकिन यह सोच-समझकर उठाया गया कदम नहीं था। जो भी भारत को जानता है, उसे पता है कि जल्द ही वह प्रणाली के आसपास इसका तरीका ढूंढ लेगा।राजन ने कहा, ‘मैंने कभी यह नहीं कहा कि मुझसे विचार-विमर्श नहीं किया गया था। वास्तव में मैंने स्पष्ट किया था कि हमारे साथ इस पर विचार-विमर्श हुआ था और हमारा मानना था कि यह अच्छा विचार नहीं है।’

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