ध्यान साधना केंद्र में10 वें दिन व्यापम टॉपर युवक ने लगा ली फांसी

जनता से रिश्ता वेबडेस्क
मेडिटेशन कोर्स करने के लिए अपने दोस्तों के साथ आया था
जसेरि रिपोर्टर
दुर्ग। धम्मकेतु विपश्यना साधना केन्द्र थनौद में छत्तीसगढ़ सहायक मानचित्र अधिकारी परीक्षा (सीडीएम व्यापमं) के टॉपर जागेन्द्र साहू (28) ने खुदकुशी कर ली। वह मेडिटेशन कोर्स करने के लिए अपने दोस्तों के साथ आया था।
उसने आश्रम परिसर से लगे हुए खेत के पेड़ में फांसी लगा ली। घटना शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात की है। शनिवार को सुबह 6.30 बजे घटना का खुलासा हुआ। अंजोरा पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है। जागेंद्र निमोरा (रायपुर) का निवासी था। शनिवार को ही उनके 10 दिन का कोर्स पूरा होने वाला था।
सिरदर्द की परेशानी बताई थी
विपश्यना साधना केन्द्र में लोग तनाव दूर करने और एकाग्रता की तलाश में आते हैं। जागेन्द्र साहू के आत्मघाती कदम उठाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। साधना के दौरान ऐसा क्या हुआ कि टॉपर को ऐसा कदम उठाना पड़ा। जागेन्द्र के साथ रहने वाले उनके दोस्त भी उनके इस कदम से अचंभित हैं। उनके दोस्तों का कहना है कि मेडिटेशन के दौरान जागेन्द्र को सिर में दर्द की शिकायत थी। सिर दर्द से परेशान होने की जानकारी उसने आचार्य को भी दी। ऐसा माना जा रहा है कि सिर दर्द से परेशान होकर उसने आत्मघाती उठाया।
जूनियर इंजीनियर का रिजल्ट
आने वाला था
सीडीएम परीक्षा में प्रदेश में अव्वल आने के बाद जागेन्द्र ने जूनियर इंजीनियरिंग की परीक्षा दी थी। जागेन्द्र के दोस्तों का कहना है कि उसे रिजल्ट का इंतजार था। उसका दावा था कि वह सीडीएम की तरह इस परीक्षा में बेहतर परिणाम लाएगा। वह अगली परीक्षा की तैयारी करने से पहले मेडिटेशन कोर्स के लिए थनौद आया था।
आश्रम में एक दूसरे से बात
करने की अनुमति नहीं
मृतक जागेन्द्र के अलावा उसके दोस्त राजेश पांडेय कोण्डागांव, नागेश सिन्हा कुरुद और निलेशकांत भोई महासमुंद भी थनौद ध्यान केंद्र मे थे। राजेश ने बताया कि कोर्स 10 दिनों का था। यहां आवासीय कोर्स नि:शुल्क है। आश्रम पहुंचने से पहले चारों दोस्तों ने मार्केटिंग की थी। लोवर और टी शर्ट व स्लीपर आदि खरीदने के बाद आश्रम पहुंचे थे।
घटना के समय जागेन्द्र लोवर व टी शर्ट पहना था। आश्रम के नियमों के मुताबिक चारों दोस्त अलग-अलग थे। इस दौरान उन्हें आपस में बातचीत नहीं करना था। विजय ने बताया कि जागेन्द्र के सिर दर्द की परेशानी की जानकारी उसे थी। उसने सोचा कि योग साधना की वजह से दर्द हो रहा होगा।
साधना के आखिरी दिन उठाया आत्मघाती कदम
शनिवार को साधना का आखिरी दिन था। वे रविवार को आश्रम से लौटने वाले थे, लेकिन इसके पहले ही जागेन्द्र ने बेडशीट का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक जागेन्द्र आश्रम में एक अन्य युवक के साथ कमरे में रुका था। साथ ठहरे युवक को भी भनक नहीं लगी कि वह कब कमरे से बाहर निकला। पुलिस का अनुमान है कि घटना रात 11 से सुबह 4 बजे के मध्य की है।

आश्रम जाने से पहले की
थी पिता से बात
जागेन्द्र दोस्तों के साथ भिलाई में तालपुरी स्थित पारिजात अपार्टमेंट में रहता था। किराए के अपार्टमेंट में चारों परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
चारों ने परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने के लिए मेडिटेशन कोर्स करने का निर्णय लिया। नेट में सर्च करने के बाद उन्होंने विपश्यना साधना केन्द्र थनौद को चुना था। उसने अपने पिता को साधना केंद्र जाने की जानकारी दी थी। यह भी बताया था कि 10 दिन तक उनका मोबाइल बंद रहेगा।
होनहार बेटे का शव
देख रो पड़े पिता
घटना की सूचना मिलते ही जागेन्द्र के पिता नोहर साहू अपने बड़े पुत्र कोमल साहू के साथ पहले अंजोरा पुलिस चौकी पहुंचे। दोनों का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस पिता पुत्र को मॉरच्यूरी ले गई। शव मॉरच्यूरी क ी गैलरी के सपीम ही रखा हुआ था। नजदीक में जोगेन्द्र के दोस्त खड़े थे। नोहर होनहार बेटे का शव का देखते ही फफक पड़े। नोहर साहू किसान है। उसने बताया कि उनके तीन बेटों में जागेन्द्र सबसे छोटा था। वह उसे अधिकारी बनना चाहता था।

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