धमतरी : डेंगू के रोकथाम व नियंत्रण के संबंध में दिशा-निर्देश

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- डेंगू एवं चिकुनगुनिया वेक्टर जनित रोग हैं, जो कि संक्रमित मादा एडिस मच्छर के काटने से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में वायरस प्रवेश कर रोग संक्रमण उत्पन्न करता है। मादा एडिस मच्छर उक्त वायरस का वाहक है, जो घर तथा आसपास जमा हुआ पानी में पनपता है। यह मच्छर दिन में काटता है तथा संक्रमित एडिस मच्छर के अंडे भी संक्रमित होते हैं। पानी के संपर्क में आने पर यह अंडा विकसित होकर संक्रमित होता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डी.के.तुर्रे ने डेंगू के लक्षण की तीन स्थितियों की जानकारी देते हुए बताए कि डेंगू फीवर, डेंगू हेमोरेजिक फीवर और डेंगू शॅक सिंड्रोम।

डेंगू फीवर के लक्षण हैं ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार आना, सिर, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले भाग में दर्द, जी मितलाना, उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुंह तथा मसूड़ों से खून आना तथा त्वचा पर चकते उभरना। इसी तरह डेंगू हेमोरेजिक फीवर के प्रभाव के बारे में बताया गया कि दो से सात दिनों में मरीज की स्थिति गंभीर होना, शरीर का तापमान कम हो जाना तथा रक्तचाप कम हो जाना है। डेंगू शॅाक सिंड्रोम की स्थिति में आईशोलेसर वार्ड में रखा जाए तथा मरीज को वाहक संक्रमण से बचाव के लिए 24 घंटे मच्छरदानी के अंदर रखा जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here