देहरादून: आयुष्मान योजना में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, 2 डॉक्टर निलंबित

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी अटल आयुष्मान योजना को निजी अस्पताल और डॉक्टर पलीता लगाने में जुटे हैं. अभी तक 12 ऐसे निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जिन्होंने करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया है. इसमें 52 लाख का भुगतान सरकार कर चुकी है और लगभग 52 लाख का ही भुगतान बाकी है. इन अस्पतालों में से दो अस्पतालों को लिस्ट से बाहर कर दिया गया है जबकि 10 अस्पताल अभी जांच के दायरे में हैं.

गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने के लिए मोदी सरकार ने अटल आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया. लेकिन कुछ अस्पताल लोगों के हक पर डाका डालने के साथ ही सरकार को भी चूना लगाने का काम कर रहे हैं. अटल आयुष्मान योजना के अपर निदेशक की मानें तो दो अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए सूची से हटा दिया गया है जबकि फर्जीवाड़ा के चलते 10 अन्य अस्पतालों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं. अस्पतालों का जवाब आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

कोई भी वर्ग या तबका इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए केंद्र सरकार ने अटल आयुष्मान योजना को शुरू किया. लेकिन निजी अस्पतालों के फर्जीवाड़े से लोगों का हक तो छिन ही रहा है, साथ ही सरकारी पैसे का दुरुपयोग भी हो रहा है. अब तक फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों से कोई पेनाल्टी और जुर्माना नहीं लिया गया है, जबकि 52 लाख का भुगतान भी अस्पतालों को कर दिया गया है और 52 लाख का भुगतान अभी शेष भी है. अटल आयुष्मान के अपर निदेशक के मुताबिक अभी 10 अस्पतालों पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. अस्पतालों से जवाब मांगा गया है, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.