‘देश में बनाया जा रहा है डर का माहौल

जनता से रिश्ता वेबडेस्क।
गांधी पर सेमीनार में बोले सीएम भूपेश-हर कोई कर रहा असुरक्षित महसूस
जसेरि रिपोर्टर
रायपुर। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार गांधी और आधुनिक भारत का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज खचाखच भरे विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में उद्घाटन किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, रामायण की तरह गांधी जी को कई देशों ने आज भी संभाल के रखा है।गांधी लेखकों साहित्यकारों के बीच एक विषय के रूप में आज भी है। विनोबा जी ने सर्वोदय आंदोलन चलाया, आधुनिक भारत मे रामकृष्ण परमहंस ने बताया कि सबका ईश्वर एक ही है। गांधी जी सत्याग्रह का मार्ग दिखाया, जब उनसे पूछा गया कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर कैसे जीत मिलेगी गाँधी जी ने सवाल का जवाब दिया कि जब दोनों ओर से तीर चलती है तो चलने वाली तीर एक ही होती है, और लोगों ने देखा कि सत्य और अहिंसा की जीत हुई, क्या ये वह भारत यही है जिसकी कल्पना गाँधी जी ने की थी,
विधवा विवाह, नारी शिक्षा, छुआछूत का खात्मा, चरखा, ये गाँधी जी की कल्पना थी, पर आज क्या है, क्या आज के दौर में हिंसा का वातावरण नहीं बनाया जा रहा है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा को लेकर कहा, हर कोई असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. नेता, पत्रकार, हिन्दू, इसाई सभी अपने आप को असुरक्षित मान रहे हैं, देश मे क्या हो रहा है। किस से भय है, हिन्दू धर्म मे बताया जाता है कि मृत्य का भी भय नहीं होना चाहिए, परंतु देश मे डर का माहौल बनाया जा रहा है। गाँधी जी ने हिंसा, असत्य करने को मना किया था, अन्याय के खिलाफ़ प्रतिरोध करने को कहा था पर आज देखने को नहीं मिलता है। आपमें अन्याय का प्रतिरोध करने की क्षमता होना चाहिए, कहीं गलत हो रहा है तो उसके खिलाफ खड़े हो। 370 पर उन्होंने कहा कि, क्या वहां के लोगों से आपने पूछा, वहां के विधानसभा में ये तय हुआ, क्या वहां के नेताओं ने साहस दिखाया, भारत की संस्कृति में भय मुक्त होने की बात है, पर आपको डराया जा रहा है, हर कोई भयभीत है। गाँधी का देश नहीं नजर आता है। गाँधी नेहरू को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है। गाँधी ने देश को एक करने की कोशिश की, पत्रकारों और संपादकों की नहीं चलती ये सब ऊपर से चलता है। पत्रकार मेहनत करते हैं । पहले गोरों के गुलाम थे तब देश के कुछ लोग के गुलाम हैं यदि आप उनके खिलाफ बोलोगे तो देश द्रोही कहलाये जाओगे। गाँधी जी सबकी बात सुनते थे असहमत भी होते थे तो भी सुनते थे पर अब ऐसा नहीं है। उन्होंने युवाओं से कहा की गाँधी जी पहले भी प्रासंगिक थे आज भी है और रहेंगे, गांधी की राह पर चलना है तो नक्सलियों को नहीं वहां के ग्रामीणों को उनका अधिकार देना होगा, हमने ये किया है कि डीएमएफ का पैसा रोजगार, शिक्षा के लिए है, बड़े बड़े पुल पुलिया के लिए नही है। भारत में गाय वोट देने का काम करती है जबकि हर जगह गाय दूध देने का काम करती है। गांधी के विचारों को छत्तीसगढ़ सरकार साकार कर रही है, हमने नरवा घुरवा बाड़ी, गोठान का काम कर रहे हैं चारागाह के गोबर से खाद बनाएंगे। 1500 गाओं में गोठान बना दिया है। उन्होंने आगे कहा, छत्तीसगढ़ में मंदी का असर नही हैं क्योंकि हमने किसानो को धान का मूल्य दिया है, जिस से उनके पास पैसे हैं, देश मे मंदी का असर है, हमने हर किसी वर्ग का ध्यान रखा है। उन्होंने कहा-गांधी कभी नही मर सकते। इस से पहले मुख्यमंत्री ने गाँधी जी के जीवन पर एक चित्र प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया. इस अवसर राज्यभर से शिक्षक, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।