नोएडा : दुर्घटना स्थल पर सेल्फी लेने वाले तमाशबीन हो सकते हैं गिरफ्तार

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- तमाम क्रैश साइट को देखकर नोएडा पुलिस ने पाया कि तमाशबीन एक्सीडेंट होने पर न केवल आड़े तिरछे गाड़ियां खड़ी करके रेस्क्यू में बाधा पहुंचा रहे थे बल्कि क्रैश साइट की सेल्फी और फोटो लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड करके पैसा बना रहे थे. एक्सप्रेस वे पर ईको 1 और ईको 2 नाम की दो टीमें लगातार नजर रख रही हैं. एसपी ने साफ तौर पर ताकीद की है कि घायल को रेस्क्यू करने के साथ ही उन लोगों की वीडियो भी बनाई जाए जो सिर्फ वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए क्रैश साइट के आस-पास खड़े रहते हैं. अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक, नोएडा, का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 179 और 122 के तहत न केवल चालान किया जाएगा बल्कि विशेष मामलों में इन तमाशबीनों की गिरफ्तारी भी हो सकती है. सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि जब भी वो क्रैश साइट पर जाते हैं टीम का एक शख्स तो साइट पर फंसे शख्स को निकालता है, दूसरा उसे अस्पताल पहुंचाता है जबकि तीसरा क्रैश साइट की वीडियो बनाता है जिससे की तमाशबीनों की पहचान की जा सके.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के स्पेशल कमिश्नर ताज हसन ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने भी ड्राइविंग के दौरान फोन का इस्तेमाल करने वालों पर लगाम कसनी शुरू कर दी है. जो ड्राइविंग के वक्त मोबाइल फोन पर बात करते हैं, एमएमएस करते हैं या फिर वीडियो कॉल भी करते हैं.. ये सड़क पर चलने वाले उन लोगों के लिए यमदूत साबित होते हैं जो अक्सर सड़क पर चलते हुए नियमों का पालन करते देखे जाते है. दिल्ली पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि करीब 8641 ड्राइवर्स का चालान किया गया जो ड्राइविंग के वक्त मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे. इस साल 2685 हादसों में करीब 400 मोबाइल फोन पर बात करने के दौरान हुए. ड्राइविंग के दौरान फेसबुक, ट्विटर, सोशल मीडिया या इंस्टाग्राम पर वीडियोज  या फोटोज शेयर करने वालों का न केवल 5000 रुपये का चालान हो सकता है बल्कि करीब तीन महीने के लिए उनका लाइसेंस भी कैंसिल किया जा सकता है.

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