दुर्ग : स्वामी विवेकानंद का संदेश की सार्थकता पूरी दुनिया के लिए है – मुख्यमंत्री

दुर्ग मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय नेवई, भिलाई में 68 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया, जिसमें विश्वविद्यालय परिसर में चार यूटीडी भवन का निर्माण और सेन्ट्रल लाईब्रेरी निर्माण प्रथम फेज का कार्य शामिल है। इस अवसर पर गृह एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, वाणिज्य कर एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा, तकनीकी शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, विधायक भिलाई नगर देवेन्द्र यादव और विधायक कोंडागांव मोहन मरकाम ने विवेकानंद जयंती कार्यक्रम में शामिल होकर यहां बनने जा रहे निर्माण कार्यों के साक्षी बने। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा में माल्यार्पण किया।
उन्होंने यहां विवेकानंद युवा कौशल सेतु का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद जयंती के पावन अवसर पर यहां आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जो संदेश दिया है, उसकी सार्थकता पूरी दुनिया के लिए है। स्वामी विवेकानंद के संदेश में जीवित नारायण की सेवा को सबसे बड़ा उद्देश्य माना जाता है। उन्होंने आगे कहा कि इसका जीता-जागता उदाहरण नारायणपुर में स्थित विवेकानंद आश्रम में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद का छत्तीसगढ़ में बिताए गए पलों को स्मरण करते हुए कहा कि स्वामी ने 12 वर्ष की उम्र में जबलपुर से बैलगाड़ी के माध्यम से रायपुर आए थे। स्वामी युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं। उनकी स्मृति को स्थायी एवं चिरायु बनाए रखने के लिए उनके जन्म दिवस को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि स्वामी की संदेश एवं चरित्रार्थ से प्रेरित होकर आत्मानंद महाराज ने रायपुर में विवेकानंद आश्रम की स्थापना की है। विवेकानंद आश्रम में स्वामी की स्मृतियों को अक्षुर्ण रखने का कार्य किया जाता है। उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वामी विवेकानंद की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए उनके चरित्र और संदेश को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ने और प्रदेश की विकास में सहभागी बनने कहा।मुख्यमंत्री ने आज विश्वविद्यालय परिसर में बनने जा रहे निर्माण कार्यों को विश्वविद्यालय के लिए एक शिखर बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इन निर्माण कार्यों के होने से युवाओं को अपना भविष्य निर्माण करने की दिशा में मदद मिलेगा। स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय युवाओं को तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन एवं भविष्य गढ़ने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामी की स्मृति को बनाए रखने के लिए ही विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा गया है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि तकनीकी शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र है, जिसके सहारे नई उंचाईयों को छूआ जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य होने पर तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ ही नई उंचाईयों को छूने में मदद मिलेगा। समारोह को सम्बोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में अपने कुशल नेतृत्व से उच्च शिक्षा एवं नैतिक शिक्षा के क्षेत्र में नए उंचाईयों को प्राप्त करेगा। उन्होेंने युवाओं को स्वामी के संदेश से प्रेरणा लेकर भविष्य निर्माण की दिशा में कार्य करने कहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एन.के. वर्मा, कुल सचिव डाॅ. डी.एन. सिरशान, संभागायुक्त दिलीप वासनीकर, कलेक्टर उमेश कुमार अग्रवाल, स्वामी विवेकांनद राष्ट्रीय सेवा योजना समिति के अध्यक्ष एस.आर. ठाकुर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, विश्वविद्यालय एवं अन्य तकनीकी महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, प्राध्यापकगण, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here