तंबाकू उत्पादों को ‘डिमैरिट गुड्स’ मानते हुए इन पर 28% जीएसटी लगाने की मांग

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- डॉक्टरों ने जीएसटी काउंसिल से अनुरोध किया है कि सभी तंबाकू उत्पादों को ‘डिमैरिट गुड्स’ मानते हुए इन पर 28% का कर और इसके अलावा अधिकतम उपकर लगाया जाए। इससे ना सिर्फ तंबाकू उत्पादों के उपभोग में कमी आएगी, बल्कि सरकार के राजस्व संग्रह में भी बढ़ोतरी होगी।पब्लिक हेल्थ कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों ने इसे लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भी लिखा है। अर्थशास्त्री और लोक स्वास्थ्य विश्लेषक डॉ. रिजो जॉन ने कहा कि भारत में तंबाकू की उपयोग में कमी मुख्य रूप से ऊंची टैक्स दर की वजह से ही आई है। लेकिन तंबाकू पर टैक्स जीएसटी लागू होने के बाद कम हो गया है, जिसकी वजह से तंबाकू उत्पाद अब ज्यादा आसानी से पहुंच में आ गए हैं।यह बिल्कुल उपयुक्त समय है कि ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के दो चरणों में भारत में तंबाकू के उपयोग में जो कमी देखी गई उसे बनाए रखने के लिए जीएसटी परिषद इन पर विशेष उपकर लगाए।

टीवी, एसी, रेफ्रिजरेटर पर जीएसटी दर घटाने की मांग
वहीं दूसरी ओर, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली कंपनियों ने आगामी बजट में बड़ी स्क्रीन के टेलीविजन, एयर कंडिशनर (एसी) और रेफ्रिजरेटर पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दर को घटाकर 12 प्रतिशत करने की मांग की है। टिकाऊ उपभोक्ता सामान बनाने वाले इस उद्योग का मानना है कि ये सामान अब हर घर की जरूरत बन गए हैं और विलासिता की वस्तु नहीं रह गए हैं। इसके अलावा कंपनियां ऐसे आयातित टीवी पैनलों पर लगने वाले उत्पाद शुल्क से भी छूट चाहती हैं, जिन्हें भारत में असेंबल किया जाता है। सोनी इंडिया के प्रबंध निदेशक सुनील नय्यर से जब पूछा गया कि कंपनी बड़े स्क्रीन के टीवी पर जीएसटी दर में कमी को लेकर आशान्वित है तो उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैं उम्मीद कर रहा हूं कि सरकार कुछ करेगी। यह हमारी मांग है।”

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