डॉ.जांगिड ने कहा युवा पीढ़ी को जल संकट के प्रति सचेत करने की आवश्यकता

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- नई दिल्ली: दिल्ली भारतीय जन संचार संघ और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज की पर्यावरण समिति (पंचतत्व)  की राष्ट्रीय संगोष्ठी में मीडिया विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रामजीलाल जांगिड ने कहा कि भारत में हर साल सैकड़ों लोग बाढ़ से मर जाते हैं, जबकि साफ पानी न मिलने से लगभग दो लाख लोगों की मौत हो जाती है. इसलिए महिलाओं और मीडिया को सक्रिय भूमिका के लिए तैयार करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को भी इस भयावह हो रहे संकट के प्रति सचेत करने की आवश्यकता है.याद रहे कि प्रो. जांगिड पूरे एशिया में ऐसे पहले और अकेले मीडिया शिक्षक हैं, जिनके दो छात्रों अंश गुप्ता और रवीश कुमार को ‘एशिया का नोबेल पुरस्कार’माने जाने वाले रैमन मैग्सेस सम्मान मिला है. हिन्दी भाषा में पत्राकारिता के लिए यह पुरस्कार पाने वाला रवीश कुमार पहले व्यक्ति हैं. भारतीय जल संचार संस्थान, नई दिल्ली में वर्ष 1979 में डॉ. जांगिड ने देश का जो पहला और एकमात्रा पूर्णकालिक स्नातकोत्तर हिन्दी पत्राकारिता डिप्लोमा पाठ्यव्रफम शुरू किया था. दोनों व्यक्तियों ने वहीं से अपना पाठ्यव्रफम पूरा किया है.राष्ट्रीय संगोष्ठी की संयोजिका और दौलतराम महिला कॉलेज की सहायक प्रो. डॉ. अनिता गर्ग मंगला ने कहा कि इस संगोष्ठी में पांच राज्यों और पांच विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के अलावा भारतीय जन संचार संस्थान और दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया. सत्ताईस व्यक्तियों को अपने अपने क्षेत्रों में पहचान बनाने के लिए सम्मानित किया गया.‘पंचतत्व’ की संकाय सलाहकार और हिन्दू कॉलेज की असोशिएट प्रो. डॉ. अनुराध शर्मा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी कॉलेजों की पर्यावरण समितियों का साझा मंच बनाने पर जोर दिया. दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की युवा शाखा ‘सेम’ की निदेशिका साध्वी प्रज्ञा भारती ने अपने संगठन द्वारा जल संकट के समाधन के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला.

 

 

 

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