डीजल आटो पर बैन से हड़बड़ाए आटो चालक

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-
एनजीटी के निर्देश पर एक्शन में सरकार

रायपुर (जसेर)। छत्तीसगढ़ में डीजल से चलने वाले आटो पर बैन के समाचारों से आटो चालकों में हड़कंप है। आटो चालकों का कहना है कि अचानक होने वाले इस प्रतिबंध से हजारों आटो चालकों और उनके परिवारों के समक्ष समस्याएं खड़ी हो जाएंगी। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश के बाद से छत्तीसगढ़ में बीते दो वर्षो से डीजल आटो की बिक्री नहीं हो रही है पर वर्षो से ऐसी गाडिय़ों को चला रहे लोगों के मन में वर्तमान सरकारी पहल से व्याकुलता घिरने लगी है। राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में सवारी गाडिय़ों के रूप में आटो उपयोग की जा रही हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में लगभग 40 हजार आटो हैं। इनमे से 20 हजार से अधिक आटो डीजल से संचालित हो रही हैं। कहा जा रहा है कि इस 20 हजार में से अकेले 12 हजार आटो रायपुर में चल रही हैं। ये गाडिय़ां 3 से लेकर 10 वर्ष पुरानी हैं। वर्षो से वाहन चला रहे चालकों में अब इस तरह के समाचारों से हड़कंप है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एनजीटी के आदेश के बाद देश भर में इस तरह के आटो की बिक्री पर प्रतिबंध लग गया है। अब जो आटो पहले से ही चल रहे हैं एनजीटी ने इन्हें भी बंद करने का आदेश दिया है।
आटो की संख्या पर अलग-अलग दावे : आटो चालक संघ का दावा है कि अकेले राजधानी में दस से 12 हजार डीजल आटो चल रही हैं। इसके ठीक विपरीत रायपुर आरटीओ पुलक भट्टाचार्य का कहना है कि हर तीन महीने में आटो के लिए परमिट जारी किए जाते हैं। उनकी पदस्थापना के बाद से किसी भी महीने चार हजार से अधिक आटो चालकों ने परमिट नहीं मांगी। उन्हें ये भी शिकायत मिली कि संभव है कि शेष आटो बिना परमिट दौड़ रही है। इसलिए उन्होंने पुलिस से कार्रवाई करने को भी कहा पर पुलिस कार्रवाई में भी सौ से अधिक आटो बिना परमिट नहीं मिली।
ई-रिक्शा का चलन बढ़ा : रायपुर शहर में बीते दो वर्षो से डीजल आटो की बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इन वर्षो में एक भी डीजल आटो नहीं बिका है। इसके अतिरिक्त ई-रिक्शा को प्रोत्साहित करने का काम भी किया जा रहा है। लगभग सात सौ ई-रिक्शा रायपुर शहर में दौड़ रहे हैं। इन सबके बीच तीन साल से लेकर दस साल पुराने डीजल आटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं। एनजीटी ने ऐसे ही आटो को चलन से बाहर करने का आदेश दिया है।

सरकार के आदेश के खिलाफ लामबंद हुआ ऑटो संघ
छत्तीसगढ़ प्रदेश ऑटो संघ के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद तिवारी ने प्रेसवार्ता में बताया है कि छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव ने एक आदेश जारी कर कहा है कि छत्तीसगढ़ में अब प्रदूषण, बढ़ते अपराध और वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते ऑटो वाहन नहीं चल पाएंगे। शासन के इस आदेश के बाद ऑटो संघ ने सरकार के इस आदेश को मनमाना बताते हुए पूछा है कि क्या प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण का जिम्मेदार सिर्फ ऑटो है। जगदीश प्रसाद तिवारी ने कहा कि सरकार ने पहले तो मनमाने तौर पर वाहन परमिट जारी किया और अब बंद करने की बात कर रही है। इससे ऑटो चालकों पर आजीविका का संकट मंडराने लगा है। ऑटो संघ ने कहा कि सरकार ने बढ़ते अपराध का हवाला दिया है जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि ऑटो संघ ने पहले ही इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को ऑटो चालकों के लिए परिचय पत्र की अनिवार्यता की बात कही थी लेकिन शासन की लाचार व्यवस्था के चलते आज भी लंबित है। शासन द्वारा जारी आदेश से संघ नाराज है। संघ ने इस आदेश को तत्काल रोकने और ऑटो चालकों के लिए सही व्यवस्था लागू करने की मांग की है ।