डीएमके : ‘भारत का मतलब सिर्फ हिंदी बोलने वाले राज्य नहीं’

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- चेन्नै : डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा है कि केंद्र की सरकार एक भी राज्य की अनदेखी नहीं कर सकती और अब केवल हिंदी भाषी राज्य भारत नहीं हैं। लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु में अपनी पार्टी के प्रदर्शन से उत्साहित डीएमके अध्यक्ष ने पहली बार कहा कि उनकी पार्टी अन्य राज्यों में क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर बीजेपी का मुकाबला करेगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को लिखे ओपन लेटर में स्टालिन ने कहा, ‘डीएमके दूसरे राज्यों में तमिलनाडु के मॉडल को लागू करने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगा और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए प्रतिबद्ध ताकतों के साथ समन्वय करेगा।’ जिस दिन पीएम मोदी को एनडीए का नेता चुना गया, उसी जिन इस बात को कहने के कई राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।स्टालिन ने कहा, ‘वे दिन अब चले गए जब भारत का मतलब केवल केवल हिंदी भाषी राज्य हुआ करते थे।’ उन्होंने कहा कि आने वाला समय राज्यों के इर्दगिर्द घूमने वाली सकारात्मक राजनीति का है। स्टालिन ने कहा कि केंद्र में जो भी पार्टी सत्ता में रहे, एक भी राज्य की अनदेखी नहीं कर सकती। स्टालिन ने कहा कि जनता के हितों की रक्षा के लिए संसद और राज्य विधानसभा में डीएमके की आवाज गूंजेगी। आपको बता दें कि डीएमके ने तमिलनाडु में 23 सीटें जीती हैं और उसकी अगुवाई वाला गठबंधन 38 में से 37 सीटों पर जीत हासिल कर चुका है।

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