ट्रेनों के एयरकंडीशन कोचों का तापमान नियंत्रित किया जाएगा

जनता से रिश्ता वेबडेस्क: ट्रेनों के एयरकंडीशन कोचों का तापमान नियंत्रित किया जाएगा। कोच कंडक्टर तापमान को ऐसे नियंत्रित करेंगे, जिससे किसी यात्री को शिकायत न हो। इसके  साथ ही अब स्टेशन आने से आधा घंटा पहले ही यात्री से बेडरोल ले लिया जाएगा। बेडरोल की बढ़ती चोरी के मद्देनजर रेलवे ने यह निर्णय लिया है।रेलवे की सभी ट्रेनों में एसी प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी और तृतीय श्रेणी के कोच होते हैं। सभी में औसतन नौ डिग्री तापमान होता है। इस तापमान पर अक्सर यात्रियों को कंबल ओढ़ने की जरूरत पड़ती है। अब रेलवे इस तापमान को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। यात्रियों को हर वक्त कंबल की जरूरत न पड़े, इसके लिए कोच का तापमान बढ़ाया जाएगा। देखा गया है कि लोग बेडरोल के साथ मिले कंबल को गंतव्य तक पहुंचने से पहले देते नहीं हैं। इसका कारण वे बताते हैं कि उन्हें एसी के तापमान की वजह से ठंड लग रही है। कई यात्री बेडरोल के साथ मिले तौलिया, चादर को अपने सामान के साथ रखकर ले जाते हैं। वर्षों से एसी में मिलने वाले कंबल, तौलिया व चादर की चोरी रोकने के लिए रेलवे अब इस पर तेजी से काम कर रहा है।

आधा घंटा पहले लेना होता है बेडरोल
रेलवे ने कोच कंडक्टर को निर्देश दे रखे हैं कि वे यात्री से उसके गंतव्य तक पहुंचने के आधा घंटा पहले ही बेडरोल वापस ले लें। परंतु कई यात्री आधा घंटा पहले बेडरोल वापस लेने पर विवाद करते हैं। बेडरोल की बढ़ती चोरी और विवाद को खत्म करने के लिए रेलवे ने कोच के तापमान को बढ़ाने का निर्णय लिया है। गंतव्य पर पहुंचने से आधा घंटा पहले बेडरोल वापस लेने के निर्देश हैं। सभी यात्रियों को इस नियम का पालन करना चाहिए। कोच का तापमान बढ़ाने के बाद यात्रियों को कंबल की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी।

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