टीम इंडिया का विंडीज दौरे के लिए चयन

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- विश्व कप के बाद भारत के वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है. यह चयन कई लिहाज से अहम था. आम तौर पर विश्व कप के बाद टीमों में परिवर्तन का दौर आता है. सीनियर खिलाड़ी रिटायर होते हैं. कप्तानी भी बदल जाती है और टीम प्रबंधन की नजर नए खिलाड़ियों पर जमने लगती है. दुनिया भर की टीमों में यही हो रहा है. अफगानिस्तान जैसी टीम तक ने अपनी टीम की कमान युवा राशिद खान को सौंप दी है. ऐसे मे टीम इंडिया के लिए हुए चयन भारतीय क्रिकेट के किस भविष्य की ओर इशारा कर रहे हैं, यह इस चयन से जाहिर हो रहा है.

धोनी को लेकर बदला है नजरिया
पहले बात करें सीनियर खिलाड़ियों की. टीम इंडिया में विश्व कप के बाद केवल एमएस धोनी ही ऐसे खिलाड़ी थे जिनके संन्यास की अटलकें और कुछ संभावना भी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. धोनी ने संन्यास के बारे में बात तक नहीं की. लेकिन हां टीम मैनेजमेंट धोनी को और उनके टीम में स्थान को लेकर क्या नजरिया रखता है यह जरूर देखने को मिला और उसमें बदलावा आया भी है.विश्व कप से पहले धोनी टीम का अहम हिस्सा थे उनके बिना टीम की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं हैं. अब चर्चाएं हो रही हैं कि क्या वे विकेटकीपर के तौर पर पहला पसंद हैं? वे आज नहीं तो कल जब रिटयर होंगे तब क्या टीम उनके विकल्प के लिए तैयार है? ऐसे सवालों पर चर्चा साफ बता रही है कि अब टीम इंडिया के भविष्य की प्लानिंग शुरू हो चुकी है. हो सकता है कि धोनी टीम का हिस्सा कुछ और समय तक रह जाएं, लेकिन वे लंबे समय तक नहीं रहेंगे, इस बात पर ध्यान दिया जाने लगा है.

विराट की कप्तानी?
विश्व कप में विराट कोहली एक नाकाम कप्तान साबित नहीं हुए हैं बल्कि उन्होंने कप्तानी योग्यता को बेहतर बनाया है. टूर्नामेंट के लीग मैचों में टॉप टीम बनकर आना टीम इंडिया के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि ही मानी जाएगी. टूर्नामेंट के बाद मीडिया में चर्चा जरूर चली थी कि विराट तीनों प्रारूप में एक की कप्तानी गंवा सकते हैं. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. साफ है कि टीम इंडिया में अभी स्प्लिट कप्तानी की संस्कृति नहीं आने वाली है जैसा कि ऑस्ट्रेलिया में होता है. वहीं एशेज के लिए विश्व विजेता इंग्लैंड की टेस्ट टीम में विश्व कप टीम के 10 खिलाड़ी नहीं हैं. ऐसे संयोजन के लिए टीम इंडिया जा रही है ऐसा भी नहीं कहा जा सकता.

कितने नए चेहरे टीम इंडिया में नए चेहरों को लाने की शुरुआत हो चुकी है. राहुल चाहर को टी20 और नवदीप सैनी को टी20 के साथ वनडे टीम में भी जगह मिली है. वहीं मयंक अग्रवाल को टेस्ट टीम में जगह मिली है. लेकिन चर्चाएं इसकी भी होंगी कि शुभमन गिल किसी टीम का हिस्सा नहीं हैं यह हैरान कर सकता है. चयनकर्ता उन्हें आजमाने में समय ले सकते हैं क्योंकि न्यूजीलैंड में उन्हें एक मौका दिया जा चुका है.

अब सबके लिए खुल रही है टीम
श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, क्रुणाल पांड्या, चाहर बंधुओं को मौका दिया जाना अच्छा संकेत हैं. चयन कर्ताओं ने संकेत दिया है कि टीम अब सभी के लिए खुली है और बढ़िया प्रदर्शन किसी को भी
टीम में जगह दिला सकता है. हां टॉप ऑर्डर में विराट और रोहित के कारण कॉम्पीटश टफ है. लेकिन चार नंबर के बहुत लोगों के लिए मौके तो हैं लेकिन फिर कम मौके हैं. इस बार टीम प्रबंधन चार नंबर के बल्लेबाज को ज्यादा मौके दे ऐसा नहीं लगता. पांडे, अय्यर, केएल राहुल के पीछे लंबी लाइन हैं. चुने गए कुछ और बल्लेबाज भी इस स्थान के लिए आजमाए जाएं तो हैरानी नहीं होनी चाहिए.