जानिए ठंड में अस्थमा से बचने के ख़ास उपायों के बारे में

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क :-अपने आहार में खूब सारे मौसमी फलों और हरी सब्जियों को शामिल करें।फलों और सब्जियों में एंटीऑक्सिडेंट्स और फइटोकैमिकल्स होते हैं,जो सर्द हवाओं में मौजूद मुक्तकणों की वजह से आपके फेफड़ों में हुई सूजन को कम कर उनकी सेहत को दुरुस्त रखते हैं।फल और सब्जियां अलग-अलग रंगों के होते हैं,जिसकी वजह से इनमें एंटीऑक्सिडेंट्स की विविधिता भी होती है।अपने आहार में  अनार,पालक,ब्रोकली,करेला,लौकी,भिंडी,कद्दू,मटर,मशरूम आदि को शामिल करें।इन सारी चीजों के अलावा अपने आहार में लहसुन, अदरक और प्याज का भी इस्तेमाल करें,क्योंकि इनकी गर्म तासीर शरीर की गर्माहट बनाए रखती है।डिब्बाबंद आहार का भूलकर भी इस्तेमाल ना करें,क्योंकि इनमें मौजूद सल्फाइट अस्थमा के अटैक को बढ़ाने वाले होते हैं। आमतौर पर बीयर,शराब,चाय,जूस,सूखे मेवे और फ्रोजन सब्जियों,अचार और आलू से बने पैक्ड उत्पादों मसलन चिप्स,आलू भुजिया आदि में सल्फाइट्स की बहुतायत होती है। ऐसी चीजों को अपने आहार का हिस्सा बनाने से परहेज करें।दूध और दूध से बनी चीजों का इस्तेमाल करें,लेकिन दूध का इस्तेमाल करते समय उसमें हल्दी और अदरक मिला लेने से यह ज्यादा फायदेमंद हो जाता है। रात में दही का सेवन करने से परहेज करें।सुबह और रात को सोने से पहले अदरक और शहद या काली मिर्च के साथ अदरक का सेवन करने से अस्थमा के मरीजों को आराम मिलता है।विटामिन बी6 युक्त आहार भी अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति के लिए अच्छा होता है।इसके लिए अपने आहार में अंकुरित अनाज,चिकन,मछली,ब्रेड,साबुत दालें,ओटमील,ब्राउन राइस,अंडे आदि को शामिल करें।आहार में विटामिन सी और ई युक्त चीजों को शामिल करें।इनमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर सर्दियों में होने वाले किसी भी किस्म के संक्रमण से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं।अपने आहार में संतरा,नीबू,आंवला जैसे खट्टे फलों के साथ-साथ पपीता,स्ट्रॉबेरी,लाल हरी पीली शिमला मिर्च,पालक,सरसों और बथुआ के साग आदि का इस्तेमाल करें। मेगा थ्री फैटी एसिड युक्त आहार लेने से अस्थमा के मरीजों को आराम मिलता है।इसलिए अपने आहार में ओमेगा थ्री युक्त आहार को शामिल करें। रोट,बीन,सी और सूरजमुखी के बीज,न और टूना मछली में ओमेगा थ्री फैटी एसिड की बहुतायत होती है।ईन्हें नियमित तौर पर अपने आहार का हिस्सा बनाएं।लसी और सूरजमुखी के बीजों को भूनकर और पीसकर भोजन में इस्तेमाल कर सकते हैं। ‘दिन में दो-तीन बार तुलसी की पत्ती,अदरक और काली मिर्च वाली चाय का सेवन करें,आराम मिलेगा।

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