जानिए आनुवांशिक कारणों से कैसे निकलते टेढ़े-मेढ़े दांत

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | बच्चों का दांत निकलना आनुवांशिक कारणों पर निर्भर करता है. सामान्यत: 4 से 10 माह के बीच बच्चों के दांत निकलना प्रारम्भ हो जाते हैं. पूरी तरह निकलने में दो से तीन वर्ष का समय लग जाता है.आनुवांशिक कारणों से कुछ बच्चों के दांत जल्दी तो कुछ के देरी से निकलते हैं. इन्हें दूध के दांत कहते हैं. कई बार ये दांत बच्चों की गलत आदतों और आनुवांशिक कारणों से टेढ़े-मेढे निकलते हैं.

बच्चों के दांतों की समस्या 

बच्चों को लंबे समय तक बोतल से दूध पिलाने से दांतों में cavities होने पर दांतों के आकार में बदलाव आ सकता है. कई बार बच्चों को चेहरे की चोट की वजह से भी जबड़ों का आकार प्रभावित हो जाता है. इसलिए बच्चों के दांत टेढ़े निकलते हैं. दूध के दांत किसी हादसे में टूटने, मुंह से सांस लेने, एलर्जी व टॉन्सिल से भी दांतों का आकार टेढ़ा होने कि सम्भावना है. आनुवांशिक वजह नहीं है तो आदतों में परिवर्तन करना चाहिए.

इसलिए बढ़ती है दिक्कत
बच्चों की अंगूठा चूसने की आदत ज्यादा समय तक रहने से उनके दांत टेढ़े मेढ़े निकलने लगते हैं जिसे ओवरबाइट (दांतों का जबड़े व मुंह से बाहर निकलना) कहते हैं. ऐसा करने से जबड़े के आकार में भी बदलाव आ जाता है व इससे टेढ़े मेढ़े दांत निकलने की संभावना बढ़ जाती है. दूध के दांत टूटने के बाद भी दांतों की प्राकृतिक संरचना में बदलाव आ जाता है. इस स्थिति में बच्चों को संबंधित डॉक्टरसे परामर्श लेनी चाहिए.
ऐसे करें बचाव 

छोटे बच्चों को रात में दूध पिलाने के बाद उन्हें पानी जरूर पिलाएं. यदि दांत आ गए हैं तो रात में चॉकलेट या दांतों में चिपकने वाली चीजों को खिलाने से बचें. बच्चों को अंगूठा चूसने से रोकें. बच्चों को ठीक पैटर्न पर दांतों को साफ करना सिखाएं. उन्हें खुद से नहीं अपने सामने कराएं. रात में भी ब्रशिंग महत्वपूर्ण है. यदि दांतों में कैविटी, टेढ़े-मेढ़े हैं तो इनके टूटने का इंतजार न करें, डॉक्टर की परामर्श लें.