चीन से खुद ही पिंड क्यों छुड़ा रहा पाकिस्तान

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- पाकिस्तान भी समझ गया है कि चीन से ज्यादा मिठास उसके लिए बाद में कड़वी घूंट साबित हो सकती है. पाकिस्तान की सरकार ने चीन के साथ साझी विकास परियोजनाओं से 24 अरब पाकिस्तानी रुपए (171.6 मिलियन डॉलर) का फंड बाहर निकालने का फैसला किया है.यह फंड चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की महत्वकांक्षी परियोजना बेल्ट ऐंड रोड का अहम हिस्सा माने जा रहे चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) के इन्फ्रास्ट्रक्चर में खर्च किया जाना था. पिछले साल अगस्त महीने में पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद से सीपीईसी की भविष्य की योजनाओं को लेकर चीन और पाकिस्तान दोनों ने फैसला नहीं किया है.भले ही चीन के बेल्ट ऐंड रोड से बाहर खींचा जा रहा यह फंड बहुत ही मामूली है लेकिन यह कदम दिखाता है कि पाकिस्तान में चीनी निवेश को लेकर कितनी आशंकाएं हैं. पाकिस्तान के भीतर ही कई सांसद सीपीईसी को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं.

पाकिस्तान के योजना एवं विकास मंत्रालय ने 19 फरवरी को जारी किए आदेश में कहा गया है कि 24 अरब रुपए का यह फंड अब संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य कार्यक्रम के तहत सांसदों द्वारा चिह्नित की गई योजनाओं में खर्च किया जाएगा.पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी का यह फैसला विधायकों को खुश करने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है. जबकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान सरकार सीपीईसी को अपनी प्राथमिकता में नहीं रखना चाहती है.विपक्षी दल के नेता मौलाना फजल उर रहमान ने सीपीईसी परियोजनाओं से पीछे हटने को लेकर इमरान खान की सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा, “सरकार ने बेल्ट ऐंड रोड के लिए बनाए गए 27 अरब रुपए के फंड से 24 अरब का फंड निकालकर चोरी की है.योजना एवं विकास मंत्रालय ने 6 मार्च को एक बयान जारी कर सफाई दी कि यह धनराशि सीपीईसी के कोर फंड का हिस्सा नहीं है बल्कि अतिरिक्त विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित की गई थी. हालांकि, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि मंत्रालय ने इस बात से इनकार नहीं किया कि यह इस्लामाबाद के मन बदलने का संकेत है.

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