ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार: नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी…जिले में 136 गौठान के लिए 22 करोड़ 24 लाख 49 हजार की स्वीकृति

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-  जांजगीर-चांपा कृषि प्रधान जिला है, महानदी, हसदेव नदी, लीलागर नदी से यहां का भूजल स्त्रोत किसानी कार्य के लिए अनुकूल है। हसदेव-बांगो बांध से जिले का सर्वाधिक कृृषि रकबा सिंचित है। यहां के मेहनतकश किसान इस अनुकूलता का भरपूर लाभ लेते हैं। राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक बेहतर बनाने के लिए नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी को मॉडल तरीके से संरक्षित करने की योजना प्रारंभ की है। गौठान और चारागाह की व्यवस्था करके पारंपरिक एवं प्रचलित व्यवस्था को बनाये रखने की योजना है। प्रस्तावित गौठान के लिए न्यूनतम तीन एकड़ भूमि में औसत 300 पशुओं के लिए बनाया जा रहा है। गौठान के चारो तरफ बाहरी परिधि में वाटर एब्जॉर्प्सन ट्रेन्च, मध्य में चैन लिंक्ड वायर मेश फैसिंग, अंदरूनी परिधि में पैटल पु्रफ ट्रेन्च, गोबर संग्रहण के लिए कम्पोस्टिंग पिट, पानी के सोलर ऊर्जा से संचालित पंप, जल निकासी हेतु नाली, कीचड़ से बचाव के लिए मुरूम-स्टोेन डस्ट का बिछाव किया गया है। पशुओं के पीने के लिए पानी की टंकियां, कम्पोस्ट खाद निर्माण के लिए नाडेप तथा वर्मी कम्पोस्ट टंकियां तैयार की जाएगी।
गौठान परिसर में खाद बनाने के लिए घुरवा विकसित किया गया है। जिसमें ऑर्गेनिक खाद व कंडा बनाने की भी योजना है। खाद व कंडे को नीलाम अथवा उपयोग किया जा सकेगा। गोठान परिसर में पशुओं के लिए चारा की भी व्यवस्था किया गया है।
ग्राम गौठान समिति द्वारा गौठान का संचालन किया जाएगा। बीमार अक्षम गौधन एवं अन्य मवेशियों की देखभाल के लिए भी समिति कार्य करेगी। ऐसे मवेशी जिनके देखभाल के लिए पालक इच्छुक नहीं है, या लावारिश है। उन पशुओं के लिए आश्रय स्थल की रूप में कार्य किया जाएगा। सड़क आदि में बैठे लावारिश पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलेगा। सड़क दुर्घटना में कमी आएगी। गांवों व नगरों में स्वच्छता भी होगी। पशुपालक किसानों के पशुआंे को गोधुलीबेला में उनके घर तक पंहुचाने के लिए चरवाहा नियुक्त होंगे। देखभाल में लगे कर्मचारियों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। मृत मवेशियों को चिन्हांकित स्थानों पर पहुंचाने की भी जिम्मेदारी समिति की होगी।
प्रशासन द्वारा जिले में निर्माणधीन 136 गौठान के लिए 22 करोड़ 24लाख 49 हजार रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें महात्मागांधी नरेगा मद से कुल 21करोड़ 32 लाख 74 हजार रूपये स्वीकृत किया गया हैै।  जिसमें 5 करोड़ 08 लाख 03 हजार रूपये मजदूरी के लिए एवं 16 करोड़ 24 लाख 71 हजार रूपये सामग्री के लिए शामिल है। इसके अलावा 14वें वित्त से 21लाख 74 हजार रूपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। जनपद पंचायत अकलतरा और बम्हनीडीह में 12-12 गौठान स्वीकृत किया गया है। इसी प्रकार बलौदा में 13, डभरा में 20, नवागढ़ में 17, पामगढ़ में 11, सक्ती में 19, जैजैपुर और मालखरौदा में 16-16 गौठान की स्वीकृति प्रदान की गई है।

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