क्या अब रेस्त्रां में बैरे की जगह खाना परोसेंगे ये?

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-अलीना, हेलन, नताशा, बेबी डॉल, जोया, अलीशा या अलेक्जा? आप सोच रहे होंगे कि ये किसी फिल्म के पात्र या अभिनेत्रियों के नाम है परंतु आप को जानकर हैरानी होगी कि ये सब रोबॉट्स के नाम है। ये वो रोबॉट्स है जो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे महानगरों के रेस्त्रां में ऑर्डर लेते है और भोजन परोसते हैं। समय के साथ साथ रोबॉट्स का भी तेजी से विकास हुआ है। अब ये इतने सक्षम हो गए है कि ये लगभग मानव का रूप ले चुके हैं और इसीलिए इन्हें अब रोबॉट्स नहीं, मानवाभ जंतु कहते हैं।विदेशों में इनका प्रयोग कई वर्षो से होता आ रहा है। ये बड़े पैमाने के उद्योग क्षेत्र में इस्तेमाल किए जाते है। इनसे उद्योग की गति में वृद्धि होती है और साथ ही एरर रेट में भी कमी होती है। इन मानवाभ जंतु का प्रयोग भारत में अब तेजी से बढ़ रहा है।

इसका एक और बड़ा उदाहरण है शिक्षक के रूप में इनका प्रयोग। बेंगलुरू के एक स्कूल में ये मानवाभ जंतु कक्षा 7 के विद्यार्थियों को कुछ विषय पढ़ाते हैं। ये मानवाभ जंतु एक महिला शिक्षक के रूप में तैयार होते है और भूगोल, विज्ञान, इतिहास आदि विषयों की शिक्षा देते हैं। हालांकि एक शिक्षिका भी इनके साथ कक्षा में उपस्थित रहती है।कंप्यूटर साइंस की शाखा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या रोबोटिक्स तेजी से बढ़ते हुए भारत के लिए किसी वरदान से कम नहीं। बस इस बात का ख्याल रखा जाए कि ये गलत हाथों में ना जाए, जिसके कई अकल्पनीय दुष्परिणाम हो सकते हैं। खैर, फिर रेस्त्रां की बात करते हुए आशा करते हैं कि लोगों को मानवाभ जंतु से परोसा हुआ भोजन अवश्य पसंद आएगा।