किसान की पत्‍नी का 1.5 लाख रुपये का मंगल सूत्र निगल गया बैल

जनता से रिश्ता वेबडेस्क  मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में पोला बहुत ही पॉपुलर त्योहार है. इस त्योहार को किसानों द्वारा मनाया जाता है. जिसमें वह अपने बैलों की पूजा करते हैं और उन्हें तरह-तरह की चीजें खिलाते हैं. इसमें एक और रिवाज है जिसे बेल पूजा कहते हैं. इसमें घर के सदस्य अपनी सोने की चीजों को इकट्ठा करते हैं और उन्हें बैल के सिर से लगाकर दुआ मांगते हैं. इंडिया टुडे के मुताबिक महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के रायटे वाघापुर गांव में बाबूराव शिंदे की पत्नी इसी रीति रिवाज को पूरा कर रही थीं. उन्होंने अपने 1.5 लाख रुपए के सोने के मंगलसूत्र को बैल के सिर पर लगाया और फिर भूल से उस मंगलसूत्र को मीठी चपाती की प्लेट में रख दिया. यह वही प्लेट थी जिसे बैल को खिलाना था.इस दौरान पावरकट हो गया और बाबूराव की पत्नी घर के अंदर मोमबत्ती लेने के लिए चली गईं. लेकिन जब वह वापस लौटीं तो उन्होंने देखा कि मीठी चपाती की प्लेट पूरी तरह साफ है और उसमें मंगलसूत्र भी नहीं है. उन्होंने अपने पति बाबूराव को आवाज दी और फिर दोनों लोगों ने देखा कि सोने के मंगलसूत्र को बैल चबा रहा था और अब वह पूरी तरह से खराब हो गया था ज्वेलरी के बचे हुए हिस्से की खोज करने के लिए पति और पत्नी 8 दिनों तक बैल के गोबर में आभूषण ढूंढते रहे लेकिन उन्हें वह नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने बैल को पशु चिकित्सक के पास ले जाने का फैसला किया. आवश्यक परीक्षण किए जाने के बाद, पशु चिकित्सक, डॉ नेने ने बैल पर ऑपरेशन किया और मंगलसूत्र निकाल लिया. यह बैल के आमाशय में फंस गया था. बैल अब ठीक हो रहा है और उसे दो महीने तक आराम करने की सलाह दी गई है. ज्वेलरी के बचे हुए हिस्से की खोज करने के लिए पति और पत्नी 8 दिनों तक बैल के गोबर में आभूषण ढूंढते रहे लेकिन उन्हें वह नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने बैल को पशु चिकित्सक के पास ले जाने का फैसला किया. आवश्यक परीक्षण किए जाने के बाद, पशु चिकित्सक, डॉ नेने ने बैल पर ऑपरेशन किया और मंगलसूत्र निकाल लिया. यह बैल के आमाशय में फंस गया था. बैल अब ठीक हो रहा है और उसे दो महीने तक आराम करने की सलाह दी गई है.