कहीं आप भी तो नहीं ‘सिचुएशनशिप’ के शिकार!

 

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-रिश्ते में होकर भी ना होना आजकल के युवाओं के लिए एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है. डेटिंग करने के बाद भी अगर आप अपने रिश्ते को कोई नाम नहीं दे पा रहे हैं तो आप ‘सिचुएशनशिप’ के शिकार हैं. जानते हैं रिश्तों में कब आ जाता है सिचुएशनशिप, जिससे आपको जल्द ही संभलने की जरूरत है.
रिश्ते में हैं ये 5 बातें? कहीं आप भी तो नहीं 'सिचुएशनशिप' के शिकार!फ्रेंडशिप से ज्यादा रिलशनशिप से कम:-अगर आप दोस्ती से तो आगे बढ़ गए हैं लेकिन अभी भी पार्टनर के साथ रिलेशनशिप को नाम नहीं दे पा रहे हैं तो आप सिचुएशनशिप में हैं. आम दोस्तों की तरह रहते हुए एक पार्टनर की जरूरतों को पूरा करना सिचुएशनशिप में रह रहे लोगों की पहचान है.

रिश्ते में हैं ये 5 बातें? कहीं आप भी तो नहीं 'सिचुएशनशिप' के शिकार!
रिश्ते को खुलकर न स्वीकारना:-लोग सालों-साल एक दूसरे से बातें करते हैं, सारी चीजें शेयर करते हैं, डेटिंग करते हैं लेकिन औपचारिक तौर पर रिश्ते को स्वीकर करने से डरते हैं. अगर आप पार्टनर के साथ होने के बाद भी साथ नहीं हैं तो आप सिचुएशनशिप के शिकार हैं.
रिश्ते में हैं ये 5 बातें? कहीं आप भी तो नहीं 'सिचुएशनशिप' के शिकार!सोशल गैदरिंग में नजरअंदाज होना:-इस रिश्ते में ढेर सारी बातें होती हैं और खूब रोमांस होता है. पार्टनर आपको इस बात का एहसास कराता रहता है कि आप उसके लिए बहुत जरूरी हैं. पर उसके साथ पार्टी या सोशल गेदरिंग में जाने पर जब वही पार्टनर आपको अनजान सा महसूस होने लगे तो? इस स्थिति में आपको सिचुएशनशिप जैसी फीलिंग आ सकती है.
रिश्ते में हैं ये 5 बातें? कहीं आप भी तो नहीं 'सिचुएशनशिप' के शिकार!बिना नाम का रिश्ता ढोना:-‘हमारी दोस्ती कुछ स्पेशल है’ ये बोलकर दोस्त के साथ पार्टनर जैसा फायदा उठाया जाता है. हालात तब खराब हो जाते हैं जब दोनों में से कोई एक इस रिश्ते को लेकर सीरियस न हो. वहीं दूसरा इस बात को जानते हुए भी इस बेनाम रिश्ते को ढोने के लिए तैयार हो.
रिश्ते में हैं ये 5 बातें? कहीं आप भी तो नहीं 'सिचुएशनशिप' के शिकार!
कमिटेड होने का डर:-रिश्ते में कमिटेड होने के डर की बजाए सिचुएशनशिप की स्थिति कई युवाओं को सेफ लगती है. सिचुएशनशिप में किसी की किसी के प्रति जिम्मेदारी नहीं होती है. इस टाइप के रिलेशनशिप में सबकुछ सिर्फ मस्ती-मजाक के लिए होता है.