उत्तर कोरिया अमेरिका से किये गये परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने वादे के बावजूद अपने परमाणु ज्ञान को संरक्षित रखेगा.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :तेहरान  विदेश मंत्री योंग हो ने अपनी तेहरान यात्रा के दौरान यह बात कहीं. कहा,‘‘उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक ऐतिहासिक बैठक के दौरान कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त किये जाने के समझौते के बावजूद ‘‘हम अपने परमाणु विज्ञान को संरक्षित रखेंगे क्योंकि हम जानते हैं कि अमेरिकी हमारे प्रति अपनी शत्रुता को नहीं छोड़ेंगे.’’उन्होंने कहा,‘‘अमेरिकियों से निपटना मुश्किल है और हमारा मुख्य उद्देश्य पूरे कोरियाई प्रायद्वीप में पूरी तरह से परमाणु निरस्त्रीकरण करना है और इसके लिए यह आवश्यक है कि अमेरिकी भी अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करें लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया है.’’ री ने अपनी आधिकारिक यात्रा के तीसरे दिन ईरान की संसद के स्पीकर अली लार्जानी के साथ बैठक की थी.

नई पाबंदी पर उत्‍तर कोरिया ने अमेरिका को ललकारा
उत्तर कोरिया ने अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए उसे ललकारा है. उसने कहा है कि वह द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के प्रयास कर रहा है लेकिन अमेरिका नहीं मान रहा. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि उत्तर कोरिया सिंगापुर में अमेरिका और प्योंगयांग के शीर्ष नेताओं के बीच हुए समझौतों को लागू करने के अपने रुख पर कायम है.सिन्हुआ के अनुसार, प्योंगयांग ने आशा व्यक्त की थी कि परमाणु परीक्षण और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) परीक्षण को रोकने व परमाणु परीक्षण स्थलों को नष्ट करने जैसे सद्भावना उपाय संबंधों में सुधार करने में योगदान करेंगे. बयान के अनुसार, अमेरिका ने हमारी उम्मीदों का जवाब उत्तरी कोरिया के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों और दबाव को बढ़ाकर दिया है.इस महीने के शुरू में अमेरिकी वित्त विभाग ने रूस के एक व्यावसायिक बैंक सहित एक शख्स और तीन कंपनियों पर उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों के साथ कथित संबंध होने की वजह से प्रतिबंधों का ऐलान किया था. उत्तर कोरिया के प्रवक्ता ने कहा, “ऐसी कदमों के साथ कोई भी उत्तरी कोरिया-अमेरिका के संयुक्त बयान के कार्यान्वयन में किसी भी प्रगति की उम्मीद नहीं कर सकता, जिसमें परमाणु निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शामिल है. इसके अलावा इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोरियाई प्रायद्वीप पर स्थिरता का माहौल बना रहेगा.”

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