ईवीएम से चुनाव कराने की मांग बीजेपी पहुंची निर्वाचन आयोग

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नहीं सुनी गयी बात तो आगे लड़ी जायेगी लड़ाई

जसेरि रिपोर्टर
रायपुर। ईवीएम से चुनाव की मांग सहित कई मुद्दों को लेकर बीजेपी निर्वाचन आयोग पहुंची। बीजेपी ने निकाय चुनाव में बैलेट पेपर के बजाय ईवीएम से चुनाव कराने की मांग की है।
साथ ही ये भी मांग रखी है कि मतदाता सूची के लिये दावा आपत्ति की तारीखें बढ़ाएं एवं सही तरीके से परिसीमन कराया जाये। इस दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सांसद सुनील सोनी सहित बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। ज्ञापन देने के बाद प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने कहा कि आज ज्ञापन सौपा है, 4 बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की गई है। मतदाता सूची के लिए दावा आपत्ति 16 सितम्बर तक के समय को बढ़ाने की मांग की गई है। साथ ही मतदाता सूची के भौतिक सत्यापन की मांग की गई है। वहीं बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात पर कहा कि बैलेट पर असुविधा होती है हम अपग्रेड हो इसलिए ईवीएम से चुनाव होना चाहिए।
इसके साथ ही वार्डो के परिसीमन पर नगर निगम के अधिनियम धारा 10 में उल्लेख है परिसीमन राज्यों की आबादी के बराबर और भौगोलिक स्थिति को ध्यान रख कर किया जाना चाहिए, लेकिन प्रदेश में जो हुआ है वह धारा 10 के नियमों का उल्लंघन किया गया है। यहां धारा दस के अनुसार ही परिसीमन की मांग की गई है। बीजेपी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि निर्वाचन उनकी मांगों पर ध्यान देगा। अगर ध्यान नहीं दिए जाने पर कानूनी प्रावधान के तहत आगे लड़ाई लड़ी जाएगी।

सीएम का बयान राजनीतिक बड़बोलापन : डॉ. अनिल जैन
प्रदेश भाजपा के प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने ऑटो क्षेत्र की कथित मंदी के बारे में वित्त मंत्री के बयान पर भूपेश बघेल की टिप्पणी को बचकाना और बड़बोलापन करार दिया है। श्री जैन ने कहा कि दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों और छत्तीसगढ़ की परिस्थितियां अलग है। वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमन समूचे देश के संदर्भ में ऑटो सेक्टर की स्थिति से संबंधित विषय पर बयान दे रही थी। श्री जैन ने कहा कि यह सच है कि ऐप आधारित टेक्सी सेवाओं के कारण लोग अब अपना वाहन खरीदने से बच रहे हैं। महानगरों में इसके अलावा पार्किंग आदि की भी काफी समस्या है, इसके अलावा मेट्रो समेत सार्वजनिक वाहन आदि की उपलब्धता भी महानगरों में अधिक है, क्योंकि वाहनों की सबसे ज्यादा बिक्री महानगरों में ही होती है, इसलिए वहां आंकड़ों में अभी काफी फर्क दिखने में आ रहा है। श्री जैन ने कहा कि जहां तक छत्तीसगढ़ का सवाल है तो यहां रायपुर बिलासपुर जैसे शहरों में ही केवल ऐप आधारित टैक्सी सेवायें हैं। ओला की सेवा रायपुर में है जबकि ऊबर के सेवायें पिछले दिनों ही शुरु हुई है। ये सेवायें ग्रामीण या कस्बायी क्षेत्रों और छोटे शहरों में नहीं है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले छ: आठ महीने से सत्ता सम्हाल कर ही प्रदेश के विकास की बातें करना सीएम का बड़बोलापन ही है। छत्तीसगढ़ में विकास के जो भी काम दिख रहे हैं, वह डॉ. रमन सिंह जी के 15 वर्षों के सुशासन का नतीजा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समूचे प्रदेश को बदले की आग में झोंकने के अलावा कुछ भी नहीं किया है।
कांग्रेस को भाजपा सरकार द्वारा कराये विकास कार्यों का श्रेय नहीं लेना चाहिए, यह राजनीतिक बेशर्मी है।