इस दिशा में हैं किचन और टॉइलट तो नष्‍ट हो जाएगी घर की पॉजिटि

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- वास्‍तु शास्‍त्र में उत्‍तर-पूर्व दिशा को धार्मिक दृष्टि से सबसे पवित्र और सबसे महत्‍वपूर्ण माना जाता है। इस दिशा में देवताओं का वास माना जाता है। वास्‍तु में इस स्‍थान को ईशान कोण के नाम से चिह्नित किया गया है। घर की खुशहाली और समृद्धि के लिए ईशान कोण का दोषमुक्‍त रहना सबसे जरूरी बताया गया है। परंतु कई बार घर बनवाते वक्‍त जानकारी नहीं हो पाने के कारण न चाहते हुए भी कुछ दोष उत्‍पन्‍न हो ही जाते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही दोष और उनके उपाय के बारे में…

त्‍तर-पूर्व में हो यदि टॉइलट

यदि आपके घर में भी इस दिशा में टॉइलट है तो यहां एक एक पौधा रखें तो नेगेटिव एनर्जी को अवशोषित करके उस स्‍थान को शुद्ध कर सके। टॉइलट में एक कटोरे में समुद्री नमक भरकर रखें। हर हफ्ते इस नमक को बदलते रहें। टॉइलट का दरवाजा सदैव बंद रखें। हो सके तो इस प्रकार के वॉशरूप का प्रयोग केवल नहाने के लिए ही करें और अच्‍छे एयर फ्रेशनर का भी प्रयोग करें।

2/6अगर उत्‍तर-पूर्व में हो किचन

उत्‍तर-पूर्व में किचन का होना भी वास्‍तु के हिसाब से सही नहीं है। दरअसल इस दिशा में देवताओं का वास होने के कारण यह पॉजिटिव और रचनात्‍मक ऊर्जा से भरी रहती है। इस दिशा में अगर किचन है तो उससे पैदा होने वाली ऊष्‍मा उत्‍तर-पूर्व दिशा की पॉजिटिव एनर्जी को या तो नष्‍ट कर देगी या फिर इसे नेगेटिव एनर्जी में बदल देगी। इस दोष को दूर करने के लिए आप दक्षिण-पूर्व दिशा में गैस स्‍टोव रखें। किचन में उत्‍तर-पूर्व कोने को एकदम खाली रखें। इस दिशा में कोई खिड़की है तो उसे सदैव खुला रखें और नहीं है तो दीवार में गोलाकर छेद करवाकर एक एग्जॉस्ट फैन लगवा सकते हैं। इ‍स कोने में मां अन्‍नपूर्णा की तस्‍वीर या फिर एक पिरामिड रखने से भी लाभ होगा।

3/6उत्‍तर-पूर्व में वाटर टैंक है तो

अगर आपके घर में उत्‍तर-पूर्व दिशा में ऊपर की ओर वाटर टैंक रखा गया है तो इसे लाल रंग से पेंट करवा दें। हो सके तो इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्‍थानान्‍तरित कर दें। इसके अलावा आप वास्‍तु के 4 पिरामिड लें और इन्‍हें घर के उत्‍तर-पूर्व दिशा में गड्ढा खोदकर उनमें दबा दें। गड्ढा नहीं कर सकते तो इस दिशा में ये 4 पिरामिड रखकर लाल कपड़े से ढक दें।

4/6उत्‍तर-पूर्व में सीढ़ी बनी है तो

अगर आपके घर में उत्‍तर-पूर्व में सीढ़ी बनी है तो दो तांबे के कछुए लेकर एक-दूसरे की ओर मुंह करते हुए सबसे नीचे वाली सीढ़ी के नीचे की ओर रखें। ऐसा करने से यह दोष काफी हद तक कम हो जाएगा। भूलकर भी सीढ़ी के नीचे भगवान का स्‍थान बनाएं।

5/6सेप्टिक टैंक उत्‍तर-पूर्व में है तो

सेप्टिक टैंक को इस दिशा में भूलकर भी न बनवाएं और यदि बना है तो इसे पीले रंग से तुरंत पेंट करवा दें। इस दिशा में रखा सेप्टिक टैंक आपको धन की हानि के साथ ही व्‍यापार में भी पीछे करवा सकता है। जहां तक हो सके ऐसा करने से बचें।

6/6उत्‍तर-पूर्व दिशा में असमानता

यदि आपके घर में उत्‍तर-पूर्व दिशा में किसी प्रकार की कोई असमानता है या फिर कोई किनारा टूटा या फिर आगे की ओर निकली हुआ है तो इस दिशा में आप एक दर्पण का प्रयोग करके इस दोष को भी दूर कर सकते हैं।

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