इंडोनेशिया : पूछताछ के दौरान पुलिस ने बंदी को सांप से डराया

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:- इंडोनेशियाई पुलिस ने सोमवार को स्वीकार किया कि उसने पापुआ प्रांत में हिरासत में लिए गए एक शख्स को डराने के लिए पूछताछ के दौरान सांप का प्रयोग किया था। सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस बात को स्वीकारा है। समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा है कि चोरी के आरोपी के दोनों हाथ उसके पीछे बंधे हुए हैं और एक सांप उसकी गर्दन में लिपटा हुआ है जबकि वह डर के मारे चिल्ला रहा है। उससे पूछताछ कर रहे अधिकारी हंस रहे हैं और सांप का मुंह उसके चेहरे के समीप ला रहे हैं।पापुआ पुलिस के प्रवक्ता सुरयादी डियाज ने कहा कि अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है लेकिन उन्होंने पूछताछ के हिस्से के रूप में सांप के प्रयोग को भी उचित ठहराया। मानवाधिकार वकील वेरोनिका कोमान ने एफे को बताया, “पश्चिमी पापुआ के लोगों के साथ अमानवीय बर्ताव निरंतर अंतराल पर होते रहे हैं। दंडमुक्ति की संस्कृति ने पश्चिमी पापुआ के लोगों के बीच इसे मामूली चीज बना दिया है और वह इसे गंभीरता से नहीं लेते।”कोमान ने कहा कि पूछताछ में सांप के प्रयोग की खबरें पहले भी आती रही हैं और इसके खिलाफ कार्यकर्ता पश्चिमी पापुआ और पापुआ के प्रांत की आजादी का आह्वान करते रहे हैं। न्यूज स्त्रोत आईएएनएस बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।