इंडियन एयरफोर्स की पहली महिला फाइटर पायलट दिन में युद्ध लड़ने के लिए तैयार…मिग- 21 बायसन फाइटर जेट की पायलट बनी भावना

जनता से रिश्ता वेबडेस्क:-  हर क्षेत्र में दमखम दिखाने के बाद आखिरकार देश को पहली महिला फाइटर पायलट मिल गई है, जो हवाई जंग में दुश्मनों के छक्के छुड़ाएंगी. वायुसेना में फ्लाइंग लेफ्टिनेंट भावना कांत प्रशिक्षित फाइटर पायलट बन गई हैं. भावना अब लड़ाई के मैदान में जाने के लिए तैयार हैं. कुछ समय पहले उन्होंने अकेले मिग-21 लड़ाकू विमान उड़ाया था. भावना के अलावा मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी भी फाइटर पायलट बनी हैं. इंडियन एयरफोर्स में फिलहाल 94 महिला पायलट हैं, लेकिन ये पायलट सुखोई, मिराज, जगुआर और मिग जैसे फाइटर जेट्स नहीं उड़ाती हैं.

फ्लाइंग लेफ्टिनेंट भावना कांत फिलहाल राजस्थान में पाकिस्तान से लगने वाली सरहद पर तैनात हैं. भावना के बाद मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी भी लड़ाई के मैदान में जाने के लिए तैयार फाइटर पायलट बनेंगी. वायुसेना में लगभग 1500 महिलाएं हैं, जो अलग-अलग विभागों में काम कर रही हैं. 1991 से ही महिलाएं हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट उड़ा रही हैं, लेकिन फाइटर प्लेन से उन्हें दूर रखा जाता था.

भावना ने एमएस कॉलेज बेंगलुरु से बीई इलेक्ट्रिकल की पढ़ाई की है. भावना कांत बिहार के दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड के बाऊर गांव की निवासी हैं. भावना साधारण परिवार से निकल कर आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंची हैं. उनके दादा एक इलेक्ट्रिशियन तो पिता मैकेनिक रहे हैं. भावना ने डीएवी स्कूल, बरौनी रिफाइनरी, बेगूसराय से दसवीं तक की पढ़ाई की है.