आलू की कीमत में बढ़ोतरी

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जनता से रिश्ता वेबडेस्क :-  देश भर में आलू किसानों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के किसानों ने जो आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा है, उसकी कीमतें एक दम से धड़ाम हो गई हैं। पहाड़ी राज्यों में जहां पुराने आलू के दाम 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं, वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी फिलहाल 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी देखने को मिली है। हिमाचल प्रदेश के ऊना क्षेत्र का नया आलू दिल्ली मंडी में दस्तक दे चुका है। नया आलू बाजार में आने से संभल के आलू का भाव धड़ाम हो गया है। पंद्रह दिन के भीतर आलू के भाव में 200-400 रुपये प्रति क्विंटल की मंदी आई है। बाजार भाव दिन प्रतिदिन टूटा है।

पुखराज आलू 800 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है जबकि इसका भाव सात दिन पहले एक हजार रुपये प्रति क्विंटल था। चिप्सोना 1000-1100 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। यह आलू दस दिन पहले 1200-1400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा था। आलू की 3797 प्रजाति का भाव 900 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। जबकि यह आलू 1100-1200 रुपये प्रति क्विंटल बिक चुका है।मुरादाबाद मंडल के संभल व चंदौसी के आलू कारोबारियों और किसानों ने बताया कि 30 नवंबर से 15 दिसंबर तक संभल क्षेत्र का नया कच्चा आलू भी बाजार में आ जाएगा। अगर हिमाचल के आलू की मंडी में आवक बरकरार रही और संभल तथा आगरा से नए आलू की आवक दिल्ली मंडी में बढ़ी तो बाजार भाव और टूट सकते हैं लेकिन असली बात मांग और पूर्ति के सिद्धांत से तय होगी।

फिलहाल मंदी का माहौल है। इस समय कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू तेजी से मंडी में आ रहा है। पुराने आलू की निकासी और नए आलू की आवक ने बाजार भाव को गिरा दिया है। संभल व चंदौसी से एक दिन में करीब 200 गाड़ी आलू दिल्ली मंडी के लिए जा रहा है।

सात लाख मीट्रिक टन आलू जनपद पैदा होने के आसार

संभल जिले में 14,000 हेक्टेयर आलू का रकबा है। इसमें सात लाख मीट्रिक टन आलू पैदा होने के आसार हैं। जिले में कुल 51 कोल्ड स्टोरेज हैं। आलू की भंडारण क्षमता 3.48 लाख मीट्रिक टन है। इसमें 2.78 लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था। आलू की 75-80 प्रशिशत तक निकासी हो चुकी है। किसान मंदी से डरा हुआ है। माल तेजी के साथ बाजार में भेज रहा है। अगर बात करें मंदी की तो 25 अक्तूबर के बाद से बाजार भाव लगातार टूट रहा है और 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की मंदी आई है। एक महीने पहले चिप्सोना 1700 रुपये प्रति क्विंटल था। अब 1100 रुपये प्रति क्विंटल का भाव है।

इसी तरह पुखराज 1300-1400 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर 800-900 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। लगातार मंदी से बिकवाली तेज हो गई है। रफत उल्ला, उर्फ नेता छिद्धा, किसान संभल। भाव कम होने से किसान चिंतित अचानक आलू तेजी से मंदी की ओर चला गया। किसान उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें फरवरी तक तेजी का लाभ मिलेगा पर ऐसा न हो सका। नवंबर में ही आलू मंदी का शिकार होने लगा। एक महीने में 600 रुपये क्विंटल की गिरावट दर्ज होने से किसान चिंता में हैं।

हिमाचल में हजार रुपये की गिरावट

हिमाचल के ऊना में बाजार में आलू की नई फसल का मूल्य मात्र चार दिनों में ही 1000 रुपये प्रति क्विंटल गिर गया है। जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होगा। जिले में कई ऐसे किसान हैं, जिन्होंने कामगार न मिलने के कारण अभी तक आलू की फसल नहीं निकाली है।

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