आयुर्वेदिक काढ़ा बनाने के विधि जानिए

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :- क्या आप वजन कम करने के लिए एक स्वच्छ और संतुलित आहार  ले रहे हैं? क्या आप भी एक एक्सरसाइज कर ) रहे हैं? यदि यह सब करने के बाद भी आपको लगता है कि आपकी इन कोशिशों के बावजूद आप अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, तो शायद आप इसे अपने सुस्त चयापचय यानी मेटाबॉलिज्म  को दोष दे सकते हैं. जी हां, आपने सही पढ़ा. वजन कम करने की दिशा में हमारा चयापचय यानी मेआबॉलिज्म बहुत मायने रखता है. हमारे शरीर में कुछ रासायनिक प्रतिक्रियाएं जो जीवों और कोशिकाओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती हैं, जो चयापचय को संदर्भित करता है. आपने लोगों को हाई या लो मैटाबॉलिज्म के बारे में बात करते हुए सुना होगा. और हो सकता है कि आप यह सोचते हों कि यह आखिर क्या बला है… हम आपको बताते हैं कि आखिर बेहत मैटाबॉलिज्म से क्या मतलबहै. असल में व्यक्ति की चयापचय दर एक दिन में उसकी कैलोरी को निर्धारित करती है. उच्च चयापचय यानी हाई मैटाबॉलिज्मवाले लोग अधिक कैलोरी जलाने और अधिक तेज़ी से वजन कम करने में सक्षम होते हैं. दूसरी ओर, कम चयापचय यानी लो मैटाबॉलिज्म  वाले लोग जल्दी वजन कम करने में चुनौतियों का सामना करेंगे. तो इस बात से परेशान न हों, क्योंकि कुछ जड़ी-बूटियां और मसाले हैं जो आपके चयापचय को काफी हद तक बढ़ावा दे सकते हैं.दालचीनी, काली मिर्च और अदरक जैसी तीन सामग्रियों का उपयोग करके बनाया गया एक काढ़ा आपके शरीर के चयापचय को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ, डॉ. आशुतोष गौतम के अनुसार, “दालचीनी, काली मिर्च और अदरक चयापचय और पाचन में सुधार के लिए अच्छे हैं. दालचीनी शरीर में वसा के टूटने में सुधार करने में मदद करती है. जबकि, अदरक प्रतिरक्षा में सुधार करने में मदद करता है और मौसमी बदलाव में उतार-चढ़ाव के लक्षणों से लड़ने में मदद करता है.”

कैसे बनाएं आयुर्वेदिक काढ़ा

सामग्री:  दालचीनी- 1 स्टिक
काली मिर्च- एक चुटकी
अदरक- 1/2 चम्मच, कसा हुआ

कैसे बनाएं मैटाबॉलिज्म को स्ट्रान्ग बनाने वाला आयुर्वेदिक काढ़ा:  एक कटोरा लें और उसमें पानी डालें. इसे उबलने दें.एक बार जब पानी पर्याप्त रूप से उबल जाए, तो उसमें सभी सामग्री डालें और उनके स्वाद को पकने द बस आपको काढ़ा तैयार है. अच्छे नतीजों के लिए इसे दिन में दो बार पिएं.