आठ घंटे की फायरिंग के बाद टरबाइन को मिला प्रेशर

जनता से रिश्ता वेबडेस्क
शक्कर कारखाने में आई खराबी को सुधारने में लग गए चार दिन
बालोद। चार दिनों से शक्कर कारखाने की मशीन के बॉयलर में रही खराबी सुधरने के बाद पांचवें दिन शुक्रवार को भ_ी गर्म हो पाई। आठ घंटे की फायरिंग के बाद टरबाइन घूमने लगा है। देर रात तक गन्ने की पेराई भी शुरू हो जाने की जानकारी कारखाना प्रबंधक ने दी है।
किसानों को मिली राहत: बता दें कि जिले का एक मात्र सहकारी शक्कर कारखाना में बीते सप्ताह कलक्टर ने पूजा कर उद्घाटन किया था, पर जैसे ही कारखाने के बॉयलर में फायरिंग की गई, तो कुछ घंटे बाद ही बॉयलर ट्यूब में लीकेज आ गया था। इस कारण फिर कारखाने को बन्द करना पड़ा था। इस खराबी को सुधारने में चार दिन का समय लग गया। इधर काम शुरू होने के बाद यहां के अधिकारी व कर्मचारियों ने राहत की सांस ली, वहीं किसानों को भी बड़ी राहत मिली है। वे प्रार्थना भी कर रहे हैं कि कारखाना ऐसे ही बिना रूकावट का चलता रहे।
गुरुवार रात 8 बजे तक सुधारा गया फाल्ट: शक्कर कारखाने से मिली जानकारी के मुताबिक बीते चार दिनों से इंजीनियर व कारखाने के कर्मचारी बॉयलर में आई फाल्ट को सुधारने में लगे थे। आखिर कार गुरुवार रात 8 बजे तक फाल्ट सुधारा गया और रात 9 बजे बॉयलर में फिर फायरिंग की गई। साथ ही बॉयलर में स्टीम बनने के बाद शुक्रवार शाम पांच बजे कारखाना का टारबाइन घुमने लगा। उसके बाद पूरे कारखाने में लगी मशीनों में बिजली सप्लाई शुरू हो गई। इधर कारखाना प्रबंधक का कहना है कि कारखाने में पहले दिन 500 मीट्रिक टन गन्ना की पेराई करेंगे, क्योंकि अभी कारखाना शुरू हुआ है। उसके बाद धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाई जाएगी।
अधिकारी बोले बिना पर्ची के आने वाले किसानों का नहीं खरीदेंगे गन्ना: कारखाना के जीएम पीताम्बर ठाकुर ने बताया कि पेराई अब शुरू हो गई है। अगर किसान बिना पर्ची या फिर बिना क्षेत्र अधिकारी से संपर्क कर गन्ना लाए, तो उस किसान का गन्ना डंप नहीं किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक वर्तमान में 450 गन्ने से भारी गाडिय़ां आई हुई है, जिसे जेसीबी के माध्यम से कारखाना परीसर में डंप कराया गया है। अब आ रही गाडिय़ों को कतार में खड़ा किया जा रहा है।
पहले डबल फसल से प्रभावित लोगों की करेंगे खरीदी: मामले में जीएम पीताम्बर ठाकुर ने कहा कि जो खराबी आनी थी, आ गई, अब कारखाना पूरी तरह तैयार है। दावा किया कि अब परेशानी नहीं आएगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले के 54 गांव के लगभग 187 किसान ऐसे हैं जिनकी गन्ने की फसल डबल फसल के चपेट में आएगी, इस वजह से अभी पहले ऐसे किसानों का गन्ना खरीद रहे हैं।
इसके लिए सर्वे भी किया गया है। इसके तहत जिले के 54 गांव के 187 किसान प्रभावित हो रहे हैं।

डंप गन्ना सूखने का डर, डाला जा रहा पानी
बता दें कि किसानों की भीड़ को देखते हुए कारखाना परिसर में गाडिय़ों को लाया जा रहा है। गन्ने वहीं डंप किए जा रहे हैं। पर भारी मात्रा में डंप गन्ने अब सूखने का डर कारखाना प्रबंधक को सता रहा है। हालांकि इस डम्प किए गन्ने में पानी डाला जा रहा है ताकि गन्ना सूखे न।

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