अवैध कब्जों से तेलघानी नाका ओवरब्रिज के निर्माण में देरी

जनता से रिश्ता वेबडेस्क :-
अब तक मात्र 30 प्रतिशत ही काम हो पाया
जसेरि रिपोर्टर
रायपुर। तेलघानी नाका से गुढिय़ारी जाने वाले रोड पर ओवर ब्रिज का निर्माण का कार्य पिछले एक साल से चल रहा है, लेकिन अभी तक सिर्फ 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा किया जा सका है। पुराने ब्रिज के जर्जर होने और ट्रैफिक के दबाव से गुढिय़ारी व क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तेलघानी नाका ब्रिज के बाजू नया ओवरब्रिज बनाने का काम एक महीने बाद फिर से शुरू किया गया है। लेकिन बीच में निजी जमीन में खड़ी दीवार अभी तक नहीं हटी है। पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने बताया कि एक तरफ से काम धीरे-धीरे किया जा रहा है। प्राइवेट जमीन के अधिग्रहण का मामला सुलझने में अभी देरी है। बता दें कि लोक निर्माण विभाग को ओवरब्रिज के जिस प्राइवेट जमीन पर बनना है, उसका अधिग्रहण किए बिना ही काम चालू कर दिया था। खुदाई के बाद लोगों को पता चला कि उनकी जमीन पर ब्रिज बनाया जा रहा है। लोगों ने आनन-फानन में अपनी जमीन पर दीवार खड़ी करवा दी। ब्रिज की जगह पर दीवार खड़ी होते ही ठेकेदार को काम रोकना पड़ा। अब जाकर फिर से एक तरफ से निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है। नए ओवरब्रिज के रास्ते में आने वाली कई प्लॉट के के मालिक अपनी जमीन लेने से मना कर रहे हैं। कई लोगों ने रास्ते पर ही बाउंड्रीवाल बना दी है। इससे पूरे प्लान पर ही अड़ंगा लग गया है। गौरतलब है, पहले ही ओवरब्रिज की चौड़ाई मौजूदा पुल के बमुश्किल बराबर आ रही थी, क्योंकि जमीन कम है। जमीन विवाद के बाद अब यह ओवरब्रिज किसी भी स्थिति में 10 मीटर से अधिक चौड़ा नहीं बन पाएगा। बताते हैं कि इसी हिसाब से नए पुल का डिजाइन भी फाइनल कर लिया गया। सिर्फ लंबाई में ही दोनों पुल बराबर रहेंगे।

14 लोगों की जमीन : पुल बनने वाले हिस्से में 14 लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। निजी जमीन वालों को मुआवजा दिया जाएगा। अफसरों का कहना है कि जमीन के हिसाब से ही पुल के ड्राइंग डिजाइन को फाइनल किया गया है। चौड़ाई भले ही कम होगी, लेकिन लंबाई वर्तमान पुल जितनी अर्थात 550 मीटर ही होगी। जिस हिस्से में ओवरब्रिज बनना फाइनल हुआ है, वहां पर्याप्त जगह नहीं है। इस वजह से पुल बनाने के डिजाइन में चौड़ाई को कम किया गया है।
35 करोड़ की लागत : नया ब्रिज बनाने के लिए 35 करोड़ की लागत तय की गई है। स्टेशन से आने में वर्तमान ब्रिज के बाईं तरफ के हिस्से में ब्रिज बनेगा। इस चौक पर ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए ओवरब्रिज के साथ ही एक अंडरब्रिज बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साढ़े 17 करोड़ की लागत से यहां 300 मी. लंबा अंडरब्रिज भी बनाया जा रहा है। आमापारा से अग्रसेन चौक होते हुए तेलघानी नाका तक जाने वाली सड़क इसी अंडरब्रिज से गुजरेगी। इससे ओवरब्रिज पर वाहनों का दबाव कम होगा।

अधिकारी झाड़ रहे पल्ला : सड़क बनाने से लेकर सेतु बनाने तक के सारे कार्य लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आता है । जनता से रिश्ता ने मामले की जानकारी लेने के लिए पी.डब्लू डी के अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन से संपर्क किया लेकिन उनके दिए गए दो से तीन नम्बरों में कॉल करने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आया। इसके बाद हमने विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अनिल राय से बात की लेकिन उन्होंने इस मामले की कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। इसके बाद हमने अपर अचिव सी. तिर्की को कॉल किया, लेकिन उन्होंने भी मामले की जानकारी नहीं होने की बात कह कर इंजीनियर डी.के. अग्रवाल का नंबर दिया लेकिन उन्होंने भी कॉल नहीं उठाया।